अलीगढ़ के एआरटीआे फर्जीवाड़े में गिरफ्तार, पढें कैसे होता था खेल!

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गाडियों की फर्जी आरसी के आधार पर बीमा कराकर फर्जीवाड़ा करने वाले रैकेट का खुलासा हरदोई पुलिस ने किया है। हरदोई पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन एआरटीओ और वर्तमान में अलीगढ़ के एआरटीआे भगवान प्रसाद को गिरफ्तारी के बाद न्यायालय में पेश किया। पुलिस के अनुसार एआरटीआे बी. प्रसाद के हस्ताक्षरों से आदेश पास हुए थे आैर वह भी जांच में शामिल किए गए।

कैसे करते थे फर्जीवाडा

  •  पुलिस ने बताया कि वह लोग डेढ़ से दो लाख रुपये में बड़े वाहन खरीदते थे,
  • इसके बाद नागालैंड से एक फर्जी आरसी, एनओसी व फिटनेस मंगवाता था।
  • एआरटीओ कार्यालय से सत्यापित कराके एनओसी पर लिखा इंजन नंबर, चेचिस नंबर वाहन पर डलवा लेते
  • इसमें एआरटीओ कार्यालय एक से डेढ़ लाख रुपया लिया जाता था।
  • इसके बाद पहचान पत्र से वाहन की अार सी बनवा लेते और फिर वाहन की बड़ी बड़ी फाइनेंस कंपनियों से सात से आठ लाख रुपये का फाइनेंस करा लेते।
  • इसके बाद कुछ दिन किश्त देने के बाद बंद कर देते और वाहन की चोरी की रिपोर्ट दर्ज करा देते।
  • इसके बाद फिर इन्हीं वाहनों पर नागालैंड से बड़े वाहन की एनओसी मंगवाकर चेचिस व इंजन नंबर मिटा कर नया नंबर डाल कर दोबारा फाइनेंस करा लेते।
  • यह रैकेट प्रदेश में काफी समय से चल रहा था।

नागालैंड से जुडे हैं तार

  • पुलिस के अनुसार फर्जीवाड़े का खेल नागालैंड राज्य के त्वानसंग जिले के डीटीआे आैर उनके आफिस असिस्टैंट की मिलीगत से हो रहा था।
  • पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है।
  • बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था और उनके पास से दो बड़े वाहन बरामद किया था
  • जिसमें नागालैंड से बड़े वाहनों की एनओसी बनाकर आरसी बनवाकर फर्जीवाड़ा किया जाता था।
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आरती पाण्डेय वेबसाइट की संपादक हैं। यह देश में चल रही राजनीतिक हलचलों पर निगाह रखती हैं। कई बडी और सनसनी खबरों को पहले बे्रक करने का श्रेय आरती पाण्डेय को जाता है। निष्पक्ष और तथ्यपरक रिपोर्टिंग इनकी खासियत है। साथ ही स्थानीय और देश की समस्याओं की ओर भी इनका फोकस रहता है।