जानिए किस मामले में दिल्ली ने बीजिंग को पछाड दिया

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This status of New Delhi has been declared a Public Health Emergency

बीजिंग को दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में गिना जाता है लेकिन दिल्ली अब बीजिंग से भी ज्यादा जानलेवा हो गई है। विशेषज्ञों ने नई दिल्ली की इस स्थिति को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। गुरुवार सुबह दिल्ली के पंजाबी बाग में एयर क्वालिटी इंडेक्स 799 था। जो चीन की तुलना में तकरीबन 10 गुना है।

प्रदूषण का स्तर लिमिट से 10 गुना ज्यादा

  • गुरुवार सुबह दिल्ली के लोधी रोड पर पीएम-10 और पीएम 2.5 दोनों ही 500 रिकॉर्ड किए गए। जबकि आनंद विहार स्टेशन पर प्रदूषण का स्तर लिमिट से 10 गुना ज्यादा था।
  •  हालांकि प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार 13 नवंबर से 17 नवंबर तक फिर से ऑड-ईवन लागू कर दिया है। साथ ही स्कूलों में पहले छुट्टी घोषित कर दी गई है।
  • इससे पहले दिल्ली सरकार ने रविवार तक स्कूल बंद रखे जाने की घोषणा की थी।

This status of New Delhi has been declared a Public Health Emergency

 

सरकार ने कुछ बड़े कदम उठाए

  • वायु प्रदूषण की स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने कुछ बड़े कदम उठाए हैं।
  • इसके तहत सिविल निर्माण पर पाबंदी, ट्रकों की आवाजाही पर रोक, कोयला जलाने पर रोक का फैसला लिया गया है।
  • वहीं, हेलिकॉप्टर से आर्टिफिशियल बारिश भी कराई जाएगी।
  • दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पर्यावरण मंत्री, विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ बैठक में ये फैसले लिए।
  • वहीं,19वीं अंतरराष्ट्रीय हाफ मैराथन के आयोजकों ने कहा कि वे पूरे हालात पर निगरानी बनाए हुए हैं।

    क्या कहते हैं डाक्टर्स

  • सर गंगा राम अस्पताल में फेफड़े के सर्जन अरविंद कुमार ने कहा,” आज के हालात की स्थिति सबसे खराब है जो मैंने अपने 35 वर्षों में दिल्ली के शहर में देखी है। डॉक्टर के तौर पर मुझे कोई समस्या नहीं है कि आज एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति है यदि आप लोगों की रक्षा करना चाहते हैं, तो हमें लोगों को दिल्ली से निकासी के आदेश देने चाहिए। साथ ही सभी स्कूलों को बंद करना सभी कार्यालयों को बंद कर देने चाहिए।
  • वहीं, एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने दिल्ली के स्मॉग की तुलना 1952 की ‘ग्रेट स्मॉग ऑफ लंदन’ से की । उन्होंने स्मॉग को ‘साइलेंट किलर’ बताया है। उनके मुताबिक, इस जहरीले स्मॉग से दिल्ली के 30 हजार लोगों को जान का खतरा है।
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आरती पाण्डेय वेबसाइट की संपादक हैं। यह देश में चल रही राजनीतिक हलचलों पर निगाह रखती हैं। कई बडी और सनसनी खबरों को पहले बे्रक करने का श्रेय आरती पाण्डेय को जाता है। निष्पक्ष और तथ्यपरक रिपोर्टिंग इनकी खासियत है। साथ ही स्थानीय और देश की समस्याओं की ओर भी इनका फोकस रहता है।