Kanpur News : जिले की लगातार गिर रही आईजीआरएस रैंकिंग पर सोमवार को डीएम का पारा चढ़ गया। डीएम ने समीक्षा बैठक में बिना बुकलेट के आए ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर और लिपिक को मीटिंग से बाहर निकाल दिया।
आईडी की सही जानकारी न देने पर अपर नगर आयुक्त पर भी डीएम ने नाराजगी जाहिर की। खुद शिकायतों का निस्तारण करने का निर्देश दिया।
सितंबर महीने में जिले की आईजीआरएस रैंक 71 थी। लगातार जिले की रैंक खराब आ रही है। इसको लेकर डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने सरसैय्या घाट स्थित नवीन सभागार में आईजीआरएस की समीक्षा की।
डीएम ने बैठक में पहुंचते ही सबसे पहले IGRS समीक्षा बैठक की बुकलेट ADM सिटी से मांगी। उन्होंने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर संदीप यादव से बुकलेट देने को कहा तो वह बोले यह मेरा काम नहीं। लिपिक सिराज की तरफ इशारा किया। इस पर डीएम बोले तुम्हारा क्या काम है। इस पर डीएम ने लापरवाही पर संदीप यादव और सिराज को मीटिंग से बाहर निकाल दिया।
नगर निगम की खराब परफार्मेंस पर अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार बोले कि सिर्फ दो आइडी होने के चलते नगर निगम की शिकायतें समय से निस्तारित नहीं हो पा रही हैं। डीएम ने तत्काल जांच कराई तो नगर निगम की 27 आईडी चलती मिलीं। डीएम ने कहा कि खुद शिकायतों का निस्तारण करें। आपरेटर के भरोसे काम न करें।
डीएम ने शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ताहीन एवं असंतोषजनक निस्तारण करने वाले विभागों और अधिकारियों को चिह्नित कर उन पर सख्त कार्रवाई करें। निस्तारण आख्या के साथ जीपीएस युक्त तस्वीर भी संलग्न की जाए।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि IGRS प्रकरणों का स्पेशल क्लोज संबंधित विभागाध्यक्ष स्वयं करेंगे। यह कार्य किसी अधीनस्थ अधिकारी या कार्मिक को नहीं सौंपा जाएगा। साथ ही प्रत्येक अधिकारी अपनी आईजीआरएस लॉगिन आईडी से स्वयं लॉगिन कर प्रकरणों की नियमित समीक्षा एवं निगरानी करेगा।
बनेगा कंट्रोल रूम, एडीएम सिटी नोडल : समीक्षा के दौरान सामने आया कि आईजीआरएस पोर्टल पर सर्वाधिक शिकायतें नगर निगम से संबंधित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने ADM CITY सौरभ सिंह को नगर निगम से संबंधित प्रकरणों के लिए जिला प्रशासन की ओर से नोडल अधिकारी नामित किया। डीएम ने IGRS की शिकायतें समय से निस्तारण के लिए डेडीकेटेड कंट्रोल रूम बनाने का निर्देश दिया। इसमें एसीएम स्तर का अधिकारी तैनात रहा।

