Bhog Lagane ke Niyam: सनातन धर्म में पूजा-पाठ करना, देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका माना गया है। Bhog Lagane ke Niyam
इन बातों का रखें ध्यान
साथ ही इसके कुछ नियम भी बताए गए हैं। इन नियमों को ध्यान में रखा जाए तो पूरा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें कि भगवान को चढ़ाया जाने वाला भोग साफ-सुथरा और सात्विक होना चाहिए। भगवान को चढ़ाए जाने वाले भोग को तैयार करते समय रसोई की अच्छी तरह सफाई कर लें। साथ ही खुद की सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। हमेशा स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनकर ही भगवान को प्रसाद तैयार करें। Bhog Lagane ke Niyam
बोलें ये मंत्र
भोग लगाने के बाद प्रसाद को मंदिर में ही रखा न छोड़े। ऐसा करने से घर में नकारात्मकता आती है। भोग लगाने के बाद उसे परिवार के सदस्यों में बांट दें। और भोग लगाते समय यह मंत्र बोलने से लाभ मिलता है। Bhog Lagane ke Niyam
त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये। गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर ।।
अर्थ- हे ईश्वर मेरे पास जो भी है वो आपका ही दिया हुआ है। आपका दिया आपको समर्पित करता हूं। कृपा करके इसे ग्रहण करे और मुझ पर प्रसन्न हों। Bhog Lagane ke Niyam
भोग लगाने का पात्र
भोग लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि जिस पात्र में भोग लगाया जा रहा है वह सोने, चांदी, तांबे, या पीतल का बना होना चाहिए। आप मिट्टी या फिर लकड़ी के पात्र में भी भोग लगा सकते हैं। लेकिन भूलकर भी कभी एल्यूमिनियम, लोहो, स्टील या प्लास्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल भोग लगाने के लिए न करें। इससे आपको भोग लगाने का फल प्राप्त नहीं होता। Bhog Lagane ke Niyam

