Pitru Paksha 2026 : पितृपक्ष (Pitru Paksha) की शुरुआत हो रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान हमारे पूर्वज मृत्युलोक में हमसे मिलने आते हैं और अपने परिजनों के बीच रहकर अन्न और जल ग्रहण करते हैं। आइए जानते हैं पितृ पक्ष में कौए को खाना खिलाने का धार्मिक महत्व। Pitru Paksha
राम जी ने दिया ये आशीर्वाद (Pitru Paksha )
सीता चरन चोंच हति भागा। मूढ़ मंदमति कारन कागा॥
चला रुधिर रघुनायक जाना। सींक धनुष सायक संधाना॥4॥
एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, जब एक बार कौए ने माता सीता को चोंच मार दी थी जब प्रभु श्री राम ने क्रोध में आकर बाण के प्रहार से कौए की आंख फोड़ दी थी। लेकिन जब कोए ने क्षमा याचना की तो, राम जी ने उसे आशीर्वाद दिया कि तुम्हें भोजन करने से पितृ प्रसन्न होंगे। तभी से पितृ पक्ष के दौरान कौए को भोजन कराने की प्रथा चली आ रही है। Pitru Paksha 2026
यमराज का प्रतीक(Pitru Paksha)
धार्मिक मान्यताएं के अनुसार, को यमराज का प्रतीक माना गया है। ऐसे में यदि पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2026) के दौरान कौए को खाना खिलाया जाता है तो इससे पितृ प्रसन्न होते हैं तो और आपको सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। कौए का भोजन ग्रहण करना पितरों के प्रसन्न होने का प्रतीक है, वहीं अगर कौआ आपका दिया हुआ अन्न ग्रहण नहीं करता है तो इसका अर्थ माना जाता है कि आपके पितृ आपसे नाराज हैं।
मिलता है पितरों का आशीर्वाद (Pitru Paksha 2026)
अन्य मान्यता के अनुसार, हमारे पितृ कौए के रूप में धारण कर हमसे मिलने आते हैं। इसलिए भी पूर्वजों के लिए बनाया गया भोजन कौए को अर्पित किया जाता है। कौवा अगर अपने भोजन का अंश ग्रहण करने के बाद उड़ जाए तो माना जाता है कि आपके पूर्वज आपको आशीर्वाद देकर गए हैं।
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