KANPUR GOOD NEWS : सिविल लाइन्स की 14/59ए 2500 स्क्वायर मीटर की नजूल भूमि सरकारी खाते में दर्ज की गई है। इस जमीन का अनुमानित मूल्य करीब 25 करोड़ है।
आरोप है नजूल की जमीन को फर्जी तरीके से बिना अनुमति के पट्टाधारक ने शौकत पहलवान को बेचा था। तहसील की रिपोर्ट पर 2500 स्क्वायर मीटर जमीन सरकार के खाते में दर्ज की गई।
ADM वित्त विवेक चतुर्वेदी, ने बताया कि केसी बेरी के बेटों ने जमीन को शौकत को बेचा था। यह पूरी तरह से अवैध है। अब नजूल की जमीन को सरकार के खाते में दर्ज कर लिया गया है। जल्द कब्जा लिया जाएगा। अवैध तरीके से नजूल की जमीन खरीदने व बेचने वालों पर मुकदमा होगा।
अमेरिका-इजराइल हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत
ADM वित्त विवेक चतुर्वेदी के मुताबिक, सिविल लाइन्स की 14/59ए Nazul land की 2500 स्क्वायर मीटर जमीन, पट्टे पर केसी बेरी को प्रशासन ने दी थी। केसी बेरी की मौत हो चुकी है। अब जमीन पर केसी बेरी के पुत्र तरंग बेरी, नीरज बेरी और विकास बेरी का कब्जा है। पट्टेदारों ने लीज रेंट जमा नहीं किया। न ही पट्टे की अवधि का नवीनीकरण और फ्री होल्ड कराने की कोई कार्रवाई की गई। उल्टा जमीन को बिना प्रशासन की अनुमति के शौकत को बेच दिया।
जबकि नजूल की जमीन के एक भाग में सीबीसीआईडी का कार्यालय था। जानकारी होने पर प्रशासन ने तहसीलदार की रिपोर्ट पर जमीन को सरकारी खाते में दर्ज किया है। जमीन का मूल्य 25 करोड़ है। बताते चले कि आगजनी मामले में शौकत पहलवान को सजा हो चुकी है। KANPUR NEWS
प्रशासन को मुकदमा होने पर हुई जानकारी : केसी बेरी के पुत्रों से जमीन खरीदने के बाद शौकत अली ने सीबीसीआईडी से कार्यालय के बदले में किराया मांगा। सरकारी कार्यालय का हवाला देकर जब किराया नहीं मिला तो शौकत कोर्ट चला गया। COURT ने स्पष्ट कहा सीबीसीआईडी या तो जगह का किराया दे या फिर जगह खाली कर दे। कोर्ट ने सीबीसीआईडी को कुछ समय दिया था। कोर्ट का आदेश आने के बाद प्रशासन को नजूल जमीन की जानकारी हुई। तब उन्होंने जमीन को वापस लेने की कार्रवाई शुरू की। शासन की अनुमति एवं नजूल मैनुअल के प्रावधानों के अनुसार उक्त भूखण्ड में पुनःप्रवेश (Re-entry) की कार्यवाही करते हुए इसे “अनावंटित सरकारी भूमि”में दर्ज किया गया है।
BREAKING NEWS: खामेनेई की मौत के बाद यूपी में हाई अलर्ट

