Guru Pushya Yoga: गुरुवार, 18 जून 2026 को गुरु का गोचर पुष्य नक्षत्र में होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर करना बहुत ही शुभ फलदायी माना जाता है। गुरु पुष्य नक्षत्र में 18 अगस्त तक रहेंगे। Guru Pushya Yoga
पुष्य नक्षत्र के स्वामी ग्रह न्याय और कर्मफल प्रदान करने वाले शनिदेव होते हैं। साथ ही पुष्य नक्षत्र के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति होते हैं। इस तरह से गुरु का शनि के स्वामित्व वाले नक्षत्र पुष्य में गोचर करना बहुत ही शुभ माना जाता है। साथ ही गुरुवार के दिन यह गोचर होने जा रहा है जिससे बहुत ही शुभ संयोग माना जाता है। आइए जानते हैं गुरु के पुष्य नक्षत्र में गोचर से किन-किन राशि वालों को विशेष लाभ मिलने के योग बन रहे हैं।
गुरु पुष्य योग:
पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों का राजा और सबसे शुभ माना जाता है। जब यह नक्षत्र गुरुवार के दिन आता है, तो ‘गुरु-पुष्य योग’ का निर्माण होता है। इस महायोग में सोना (Gold), चांदी, भूमि, वाहन या किसी भी नए व्यापार की शुरुआत करना अत्यंत अक्षय फलदायी माना जाता है। इस दिन किए गए निवेश या खरीदारी में लगातार वृद्धि होती है।
बृहस्पति का नक्षत्र परिवर्तन:
बृहस्पति यानी गुरु ग्रह 18 जून को शनि के नक्षत्र पुष्य में प्रवेश कर जाएंगे जहां वे 18 अगस्त तक रहेंगे। पुष्य को ‘नक्षत्रों का राजा’ माना जाता है, जिसके देवता स्वयं बृहस्पति हैं और स्वामी शनि देव हैं। चूंकि गुरु इस समय अपनी सबसे शक्तिशाली (उच्च) स्थिति में हैं, इसलिए यह नक्षत्र परिवर्तन अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक रहेगा। इससे कर्क, धनु, कन्या, वृश्चिक और मकर राशि को लाभ होगा।
दुर्लभ योग में करें ये उपाय:
केसर का तिलक:
गुरु ग्रह का सीधा संबंध पीले रंग और खुशहाली से है। इस गोचर के दौरान रोज सुबह स्नान करने के बाद अपने माथे और नाभि पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। इससे आपकी कुंडली में गुरु मजबूत होंगे, समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और नकारात्मक ऊर्जा आपसे कोसों दूर रहेगी।
विष्णु सहस्रनाम का पाठ:
पुष्य नक्षत्र के देवता खुद बृहस्पति हैं और भगवान विष्णु इसके प्रधान देव हैं। इस गोचर अवधि में रोज या हर गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या उसे सुनें। अगर आपका पैसा कहीं फंसा हुआ है या कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है, तो इस उपाय से धन आगमन के नए रास्ते खुलेंगे।
‘पीली चीजों’ का गुप्त दान:
इस दौरान किसी मंदिर में या किसी जरूरतमंद ब्राह्मण को पीले रंग की चीजें दान करें। दान में आप चने की दाल, केला, पीले वस्त्र, धार्मिक पुस्तकें या हल्दी दे सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार, गुरु के पुष्य नक्षत्र में रहने के दौरान किया गया पीली वस्तुओं का दान घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होने देता।
केले के वृक्ष का पूजन (करियर और विवाह बाधा के लिए)
हर गुरुवार को सुबह उठकर केले के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें। जल में थोड़ी सी हल्दी, चने की दाल और गुड़ जरूर मिला लें। इसके बाद वहां शुद्ध घी का दीपक जलाकर गुरु के मंत्र “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” का जाप करें।
फायदा: नौकरी और बिजनेस में आ रही रुकावटें खत्म होंगी और जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही है, उनके योग जल्दी बनेंगे।
गाय को गुड़-चना खिलाना (सेहत और आयु रक्षा के लिए)
अगर आप लंबे समय से सेहत से जुड़ी समस्याओं या पेट की बीमारियों से परेशान हैं, तो इस गोचर काल में नियमित रूप से (विशेषकर गुरुवार को) गीली चने की दाल और गुड़ अपने हाथों से गाय को खिलाएं। गाय की पीठ पर हाथ फेरकर उनका आशीर्वाद लें।
फायदा: गाय में साक्षात देवताओं का वास होता है। इस उपाय से शारीरिक बीमारियां दूर होती हैं और सेहत का वरदान मिलता है।
इस गोचर के दौरान अपने घर के बड़े-बुजुर्गों, माता-पिता और गुरुओं का पैर छूकर आशीर्वाद लेना न भूलें। उनका सम्मान करने से देवगुरु बृहस्पति बिना किसी उपाय के ही शुभ फल देने लगते हैं!
तुला राशि: बृहस्पतिदेव आपके दशम भाव में विराजमान होंगे, जो आपके करियर का क्षेत्र है। कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन वे आपके लिए पद और प्रतिष्ठा लेकर आएंगी। वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की प्रशंसा करेंगे। करियर में आगे बढ़ने के लिए यह एक बेहतरीन समय है।
उपाय: अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित रहें और व्यावसायिकता बनाए रखें।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए गुरु के पुष्य नक्षत्र में गोचर करने से गुरु पुष्य योग दूसरे भाव में बनेगा। कुंडली का दूसरा भाव धन और वाणी से संबंधित होता है, ऐसे में आपको अप्रत्याशित धन लाभ और आर्थिक स्त्रोतों से अच्छा लाभ होता हुआ मिलेगा। आपके खर्चों में वृद्धि होगी ,लेकिन दूसरी तरफ आपको अचानक धन भी प्राप्ति होंगे। पारिवारिक जीवन में खुशियों की बरसात होगी। इस दौरान कोई नया काम करने का अच्छा अवसर भी मिल सकता है। समाज में मान-सम्मान में वृद्धि के योग होंगे।
कर्क राशि
गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर आपके राशि में रहते हुए होगा। ऐसे में यह कर्क राशि वालों के लिए किसी तरह के चमत्कार से कम नहीं है। आपको सरकारी योजनाओं में अच्छी सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा जातकों को नई नौकरी के लिए एक से ज्यादा कई जगहों से अच्छे प्रस्ताव मिल सकते हैं। इस दौरान आपके खाते में किसी काम के होने पर कुछ रकम एकत्रित हो सकती है। जीवन में कई तरह के सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। लाभ के अवसरों में वृद्धि होगी और पारिवारिक जीवन में शांति रहेगी।
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए गुरु का नक्षत्र परिवर्तन पुष्य में उनके सातवें भाव में बनने वाला है। ऐसे में आपके वैवाहिक जीवन में सुख और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। साथी संग रिश्ते मजबूत होंगे। शादीशुदा लोगों का प्रेम भाव बना रहेगा। जो लोग किसी तरह के व्यापार में पार्टनरशिप में काम करते हैं उनको शुभ फल की प्राप्ति होगी। आने वाले समय में आपके व्यापार में कई तरह के महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए गुरु का पुष्य नक्षत्र में परिवर्तन आने वाले दिनों के लिए शुभ संकेत है। इस समय आपकी राशि में शनि विराजमान हैं और गुरु आपकी राशि से पंचम में यह शुभ योग का निर्माण कर रहे हैं जिसे आपको आने वाले दिनों में स्थायी संपत्ति और खुशी मिलेगी। जो लोग इस दौरान नया काम शुरू करने वाले हैं उनके लिए समय बहुत ही शुभ साबित होगा। आर्थिक मामलों में सफलता प्राप्ति होगी और प्रेम संबंधों में रिश्ता कामयाब होगा और करियर में कोई बड़ा मौका हाथ लग सकता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए JAIHINDTIMES उत्तरदायी नहीं है।

