CM Yogi In Kanpur : क्वालिटी आफ लाइफ महत्वपूर्ण है क्योंकि जान है तो जहान है। खेती धरती माता के स्वास्थ्य को बिगड़ने में भी हम केमिकल फर्टिलाइजर पेस्टिसाइड पर का खर्चा कर रहे हैं।
अगर हम इसका उपयोग बंद करके प्राकृतिक खेती की तरफ चले और गऊ आधारित खेती की तरफ चले तो प्रति एकड़ ही आपकी 10 से 12000 की पहली बचत तो यहां से होगी। यह बात सीएसए परिसर में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएसए सभागार में किसानों को संबोधित करते हुए कहा। CM Yogi News
मुख्यमंत्री ने गोसंरक्षण को प्राकृतिक खेती से जोड़ते हुए कहा कि हम सभी गोमाता की पूजा करते हैं। गोआधारित खेती से गोवंश की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि शार्टकट के रास्ते अपनाने के कारण आज कई समस्याएं सामने आई हैं। यदि किसान गाय को परिवार का हिस्सा बनाएंगे तो खेती भी मजबूत होगी और गोवंश भी सुरक्षित रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्राकृतिक खेती केवल कृषि पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र का अभियान है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और पेस्टीसाइड के बढ़ते प्रयोग ने धरती की उर्वरा शक्ति को नुकसान पहुंचाया है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाला है।
गंभीर बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे
कहा कि एक समय लोग हैंडपंप और तालाब का पानी पी लेते थे, लेकिन आज किडनी, लीवर और अन्य गंभीर बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके पीछे खानपान और रसायनयुक्त कृषि का प्रभाव भी एक कारण है। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था अन्न के नाम पर जहर परोसने का काम नहीं कर सकती, इसलिए प्राकृतिक खेती की ओर लौटना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 34 जिलों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिनमें बुंदेलखंड के सात जिले भी शामिल हैं। वहां किसानों को बेहतर परिणाम मिले हैं। सरकार अब कृषि मंडियों में प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के लिए अलग शोरूम स्थापित करेगी, ताकि किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि यदि प्राकृतिक खेती का उत्पाद थोड़ा महंगा भी हो तो उपभोक्ताओं को उसे प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि वह स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभकारी है।
1500 रुपये प्रतिमाह की सहायता देती
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश सरकार की निराश्रित गोआश्रय स्थलों में वर्तमान में लगभग 14 लाख गोवंश सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत किसान चार गोवंश अपने पास रख सकते हैं, जिसके लिए सरकार प्रति गाय 1500 रुपये प्रतिमाह की सहायता देती है। अब तक डेढ़ लाख से अधिक किसान इस योजना से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि एक देशी गाय एक वर्ष में कई एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक जैविक संसाधन उपलब्ध करा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत कभी विश्व अर्थव्यवस्था में अग्रणी स्थान रखता था। किसानों, व्यापारियों, युवाओं और महिलाओं पर विश्वास के कारण देश समृद्ध था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वही आत्मविश्वास फिर लौट रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले किसान लागत और कम आय के कारण परेशान था, लेकिन अब न्यूनतम समर्थन मूल्य, किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और सिंचाई योजनाओं ने किसानों को नई ताकत दी है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वस्थ भारत, समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर गांव आवश्यक हैं। वैश्विक ऊर्जा संकट और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत मजबूती से खड़ा है। विपक्ष का काम केवल आलोचना करना है, लेकिन किसान प्रधानमंत्री मोदी के विजन पर अपनी मुहर लगा चुका है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि जब अन्नदाता समृद्ध होगा, तभी हर चेहरे पर खुशहाली दिखाई देगी।

