UTTAR PRADESH NEWS : LUCKNOW में 22 जून को अलीगंज सेक्टर डी में अवैध बिल्डिंग में लगी भीषण आग की जांच कर रही SIT ने नौ आईएएस व नौ पीसीएस अधिकारियों पर कार्रवाई करने की सिफारिश की है। इस घटना में 15 लोगों की मौत हुई थी और नौ लोग झुलसे थे।
लखनऊ की कोचिंग में आग, 15 मौतें
सभी अधिकारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में तैनात रहे हैं। इनमें से कुछ जिलाधिकारी के पद पर, कुछ LDA में ही तैनात है, वहीं दो अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
CM योगी आदित्यनाथ की सख्ती पर एसआइटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और जल्द ही शासन को सौंपी जाएगी। पहली बार आइएएस व पीसीएस अधिकारियों की भूमिका की जांच हो रही है। माना जा रहा है कि नियुक्ति विभाग संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब-तलब कर सकता है।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई के लिए एसआईटी का गठन किया था। SIT ने एलडीए से 2016 से 2024 तक जोन चार व पांच में तैनात रहे प्रवर्तन व जोनल अधिकारियों की सूची मांगी थी। खासकर अग्निकांड वाले आवासीय भूखंड पर व्यावसायिक निर्माण के दौरान एलडीए में तैनात अफसरों को घटना के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।
इसी कारण एलडीए ने सौ से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम एसआईटी को भेजे हैं। आईएएस अधिकारियों में लखनऊ के मौजूदा नगर आयुक्त गौरव कुमार, तत्कालीन एलडीए उपाध्यक्ष मैनपुरी के DM इंद्रमणि त्रिपाठी और तत्कालीन एलडीए सचिव अमेठी के जिलाधिकारी पवन गंगवार, सत्येंद्र यादव, शिवाकांत द्विवेदी, अक्षय त्रिपाठी, एमपी सिंह, ऋतु सुहास और श्रीश चंद्र वर्मा हैं।
इनके साथ ही पीसीएस अधिकारी में अमित राठौर, विपिन शिवहरे, श्रद्धा चौधरी, प्रिया सिंह, संगीता राघव, प्रभाकर सिंह, डीके सिंह, विश्व भूषण मिश्र और सुशील प्रताप सिंह अलग-अलग पदों पर तैनात रहे।
इनमें कई अफसर इस समय भी एलडीए में तैनात हैं। इंजीनियरिंग विभाग से 14 अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता और 52 अवर अभियंताओं की सूची भेजी गई है। सूत्र बताते हैं कि एसआइटी की जांच रिपोर्ट में इनमें से अधिकांश पर कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है। अब नियुक्ति विभाग जल्द ही आरोपितों को नोटिस जारी करके जवाब तलब करेगा, क्योंकि एसआइटी की रिपोर्ट जल्द ही शासन को सौंपी जाएगी।

