KANPUR NEWS: अस्पतालों में होने वाले प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु की सूचना 24 घंटे के भीतर सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। ऐसा नहीं करने वाले निजी अस्पतालों के विरुद्ध पंजीकरण निरस्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी। KANPUR NEWS
Kanpur Big News : एडीएम आपूर्ति के खिलाफ शासन ने बैठाई जांच
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह (District Magistrate Jitendra Pratap Singh) ने शनिवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय की बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था, नियमित टीकाकरण, आयुष्मान वय वंदना तथा टीबी उन्मूलन सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
जन्म-मृत्यु की सूचना देना अस्पताल की जिम्मेदारी
जिलाधिकारी ने कहा कि निजी अस्पताल, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज तथा सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र अपने यहां होने वाले प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु की सूचना 24 घंटे के भीतर सीआरएस पोर्टल के माध्यम से नगर निगम अथवा संबंधित स्थानीय निकाय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, मैटरनिटी अथवा नर्सिंग होम में होने वाले जन्म एवं मृत्यु की सूचना संबंधित रजिस्ट्रार को देने की जिम्मेदारी संस्था के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अथवा उनके द्वारा अधिकृत व्यक्ति की है।
उन्होंने कहा कि समय से सूचना नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में लोगों के जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र समय से जारी नहीं हो पा रहे हैं और लोगों को अनावश्यक रूप से भटकना पड़ रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि सूचना पोर्टल पर दर्ज नहीं करने वाले निजी अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनका पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संस्थागत प्रसव बढ़ाएं, पांच प्रसव नहीं कराने वाली स्त्री रोग विशेषज्ञों पर कार्रवाई
जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी सीएचसी यह सुनिश्चित करें कि गर्भवती महिलाओं का प्रसव सीएचसी, पीएचसी, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज अथवा एएचएम जिला महिला चिकित्सालय जैसी स्वास्थ्य संस्थाओं में प्रशिक्षित चिकित्सकीय देखरेख में हो।
मंत्रा पोर्टल के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक एएचएम जिला महिला चिकित्सालय में 2,839, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 1,863, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाटमपुर में 1,188 तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कल्याणपुर में 996 संस्थागत प्रसव कराए गए हैं।
जिलाधिकारी ने एनएचएम के माध्यम से तैनात स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों के कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रत्येक विशेषज्ञ के लिए प्रतिमाह न्यूनतम पांच प्रसव कराना अनिवार्य है। निर्धारित संख्या में प्रसव नहीं कराने वाली चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनकी सेवा समाप्त की जाए।
उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी के निर्देश नोडल अधिकारी से स्पष्टीकरण
उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (एचआरपी) की समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी हरिशंकर सिंह योजना के क्रियान्वयन के संबंध में समुचित जानकारी नहीं दे सके। कार्य में अपेक्षित रुचि न लेने पर जिलाधिकारी ने जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक माह की 1, 9, 16 एवं 24 तारीख को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एचआरपी दिवस आयोजित करने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय से पहचान एवं नियमित निगरानी कर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना है। गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, पूर्व में जटिल प्रसव सहित अन्य जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को समय से चिह्नित कर उनकी नियमित निगरानी की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्तरीय स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर किया जाए।
एक सितंबर से नगरीय क्षेत्रों में चलेगा विशेष टीकाकरण अभियान
यू-विन पोर्टल के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 12,327 बच्चों का टीकाकरण किया गया है। जिलाधिकारी ने एसीएमओ डॉ. कैलाश को निर्देश दिए कि ड्यू लिस्ट के अनुसार बच्चों का मोबिलाइजेशन सुनिश्चित किया जाए तथा नगरीय क्षेत्रों में एक सितंबर से विशेष टीकाकरण अभियान चलाकर पात्र बच्चों का टीकाकरण कराया जाए।
बैठक में नगर निगम का कोई जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं था, जिसके कारण टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा प्रभावित हुई। इस पर जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को पत्र भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समयबद्ध एवं प्रभावी समीक्षा के लिए संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
वय वंदना योजना में कानपुर नगर प्रदेश में प्रथम
आयुष्मान वय वंदना योजना की समीक्षा में बताया गया कि 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने में कानपुर नगर प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जनपद में अब तक 1,07,347 आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए जा चुके हैं।
जिलाधिकारी ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उपचाररत मरीजों को पोषण पोटली का समय से वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, सीएमएस कांशीराम अस्पताल सहित स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित विभागों के विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे।

