KANPUR NEWS : चीनी की उपलब्धता बनाए रखने तथा जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए शनिवार को जनपद के 13 डीलरों, स्टॉकिस्टों एवं थोक व्यापारियों के यहां स्टॉक की जांच की गई।
भौतिक सत्यापन में इन प्रतिष्ठानों पर कुल 1,458.87 मीट्रिक टन चीनी उपलब्ध मिली। किसी भी कारोबारी के यहां स्टॉक शासन द्वारा निर्धारित अधिकतम 400 मीट्रिक टन की सीमा से अधिक नहीं पाया गया।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जनपद में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। आमजन चीनी की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। बाजार में कृत्रिम संकट उत्पन्न करने, जमाखोरी या कालाबाजारी करने तथा भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अजय विक्रम सिंह ने बताया कि शासन से प्राप्त निर्देश के क्रम में जांच समिति गठित कर 22 अगस्त को जनपद के प्रमुख चीनी डीलरों, स्टॉकिस्टों एवं थोक व्यापारियों के यहां उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया गया। इस दौरान अभिलेखों में दर्ज स्टॉक का प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध चीनी से मिलान किया गया।
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जांच में शिव भंडार के यहां सर्वाधिक 313.50 मीट्रिक टन, श्री अन्नपूर्णा भंडार में 245.87 मीट्रिक टन और गणेश प्रसाद कैलाश चंद्र के यहां 214 मीट्रिक टन चीनी मिली। राजेश कुमार अमरीश कुमार के यहां 157.80 मीट्रिक टन, राजेश कुमार अमरीश कुमार एंड कंपनी में 135.10 मीट्रिक टन तथा दिनेश चंद्र एंड संस में 107.45 मीट्रिक टन स्टॉक पाया गया।
इसी प्रकार ओमनाथ एंड कंपनी के यहां 70.60 मीट्रिक टन, बदलूराम पुरुषोत्तमदास के यहां 57.25 मीट्रिक टन, अशर्फी लाल गोकुल चंद के यहां 43.25 मीट्रिक टन, हजारी लाल शिवराजमल में 42.50 मीट्रिक टन, मेसर्स रामजी लाल सूरज भान में 36.50 मीट्रिक टन और दीक्षित ब्रदर्स के यहां 35.05 मीट्रिक टन चीनी मिली। सत्य नारायण विनय कुमार के यहां जांच के समय स्टॉक शून्य पाया गया।
खाद्य एवं विपणन अधिकारी अजय विक्रम सिंह ने बताया कि सत्यापन में प्राप्त स्टॉक का विवरण विभागीय पोर्टल पर दर्ज करा दिया गया है। सभी कारोबारियों को प्रत्येक शुक्रवार अपने यहां उपलब्ध चीनी का सही विवरण अनिवार्य रूप से ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। स्टॉक की सूचना छिपाने, निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण करने अथवा आपूर्ति रोककर बाजार में कृत्रिम अभाव पैदा करने पर संबंधित कारोबारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

