Akshaya navami 2025 Puja : हर वर्ष कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर अक्षय नवमी (Akshaya navami) मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। Akshaya navami 2025 Puja
जैसा कि इसके नाम से ही जाहिर है, अक्षय नवमी पर किए गए कार्यों से व्यक्ति को अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। ऐसे में आइए जानते हैं अक्षय नवमी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।
महत्व
‘अक्षय’ का अर्थ है अमर यानि जिसका कभी क्षय न हो। ऐसा माना जाता है कि अक्षय नवमी के दिन ही सत्य युग की शुरुआत हुई थी। इसलिए अक्षय नवमी के दिन को सत्य युगादि के रूप में भी जाना जाता है। सभी प्रकार के दान-पुण्य कार्यों के लिए इस तिथि को बहुत-ही महत्वपूर्ण माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि से लेकर पूर्णिमा के दिन तक भगवान विष्णु आंवले के पेड़ पर निवास करते हैं। यही कारण है कि अक्षय तृतीया पर आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है।Akshaya navami 2025 Puja
अक्षय नवमी शुभ मुहूर्त (Akshay Navami Shubh Muhurat)
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार अक्षय नवमी पर वृद्धि योग और और रवि योग जैसे कई शुभ योग रहने वाले हैं. 31 अक्टूबर को वृद्धि योग सुबह 06:17 बजे से पूरे दिन रहेगा. रवि योग भी दिनभर रहने वाला है. साथ ही, शिववास योग भी इस दिन को खास बना रहा है.
पूजा विधि (Akshay Navami puja vidhi)
आंवला नवमी के दिन आंवला के पेड़ की पूजा की जाती है। ऐसे में इस दिन जल में कच्चा दूध मिलाकर आंवला के पेड़ की जड़ में अर्पित करें। इसके साथ ही पेड़ पर फूल, माला, सिंदूर, अक्षत आदि अर्पित करें। पेड़ के तने में कच्चा सूत या मौली को आठ बार लपेंटे। पूजा के बाद व्रत कथा जरूर सुनें। इस दिन पूरे परिवार के साथ भोजन पेड़ के नीचे बैठकर सात्विक भोजन करना बहुत-ही माना जाता है।
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