Chhath Puja 2025: छठ पर्व हर साल कार्तिक मास की चतुर्थी तिथि पर मनाया जाता है. इस पूजा में व्रती 36 घंटे तक बगैर कुछ खाए-पिए व्रत रखती हैं. Chhath Puja 2025
छठ (Chhath Puja) में विशेष तौर पर सूर्य और छठी माता की पूजा की जाती है. मान्यता है कि छठी माता की पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है. संतान प्राप्ती के लिए भी छठ पूजा (Chhath Puja) का विशेष महत्व माना गया है. छठ पूजा के दौरान सिंदूर माथे से लेकर नाक तक लगाया जाता है. इसके पीछे क्या है मान्यता आइए जानें..
लंबा सिंदूर क्यों लगाते हैं (Chhath Puja 2025)
महिलाओं के लिए सिंदूर उनके सुहाग की निशानी होती है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार विवाहित महिलाओं के लिए सिंदूर सौभाग्य का प्रतीक होता है. छठ पूजा के दौरान महिलाएं नारंगी रंग का मोटा सिंदूर लगाती हैं. मान्यता है कि लंबा सिंदूर लगाने से स्त्री के पति की आयु लंबी होती है, और उनके दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है. छठी माता की पूजा करने से परिवार में समृद्धि और खुशियां भी आती है.
पूजा में सिंदूर लगाने का सही तरीका (Chhath Puja 2025)
छठ पूजा के दौरान माथे से लेकर नाक तक, लंबा सिंदूर लगाने की प्रथा है. लेकिन, इसे लगाने का एक तरीका होता है. सिंदूर को नाक के आखिरी छोर से लगाना शुरू करते हैं और माथे के बीचो-बीच से ले जाते हुए मांग तक लगाते हैं. हालांकि कई इलाको में इसे सिर्फ माथे से लेकर मांग तक ही लगाया जाता है. मान्यता है कि लंबा सिंदूर पति की लंबी आयु का प्रतीक होता है.
छठ में क्यों लगाते हैं नारंगी सिंदूर (Chhath Puja 2025)
ज्योतिश शास्त्र के अनुसार छठ पर्व पर नारंगी सिंदूर लगाने का विशेष महत्व होता है. माना ये भी जाता है कि नारंगी रंग हनुमान जी का शुभ रंग होता है. इसलिए भी सिंदूर में ये रंग इस्तेमाल करते हैं. इस दिन मांग में लंबा सिंदूर लगाने से पति की आयु लंबी होती है साथ ही उनको काम में तरक्की भी मिलती है.

