Cockroach Facts: सुनकर हैरानी हो रही होगी है न! लेकिन ये बिल्कुल सच है। अगर कॉकरोच का सिर काट दिया जाए, तो भी वह कुछ दिनों तक जिंदा रह सकता है। Cockroach Facts
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लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है? तो इस सवाल का जवाब कॉकरोच के शरीर की बनावट में छिपा हुआ है। आइए समझते हैं इसके पीछे की साइंस।
कॉकरोच की शारीरिक बनावट कैसी होती है?
कॉकरोच का शरीर इंसानों और अन्य जीवों से बहुत अलग तरीके से काम करता है। इसके शरीर में कई ऐसी विशेषताएं होती हैं, जो इसे बहुत मजबूत बनाती हैं, जैसे-
ओपन सर्कुलेटरी सिस्टम
इंसानों में क्लोज सर्कुलेटरी सिस्टम होता है, जहां ब्लड दिल और आर्टरीज के माध्यम से शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचता है। लेकिन कॉकरोच में ओपन सर्कुलेटरी सिस्टम होता है, जिसमें ब्लड (हेमोलिम्फ) सीधे शरीर की कैविटी में बहता है। इसका दिल धड़कन बनाए रखता है, लेकिन सिर कट जाने पर भी हेमोलिम्फ का फ्लो जारी रह सकता है।
सांस लेने की प्रक्रिया
इंसान सांस लेने के लिए मुंह और नाक पर निर्भर करते हैं, लेकिन कॉकरोच में स्पाइरकल्स नाम के छोटे-छोटे पोर्स होते हैं, जो पूरे शरीर में फैले होते हैं। ये स्पाइरकल्स ऑक्सीजन को सीधे टिश्यूज तक पहुंचाते हैं। इसलिए, सिर कट जाने के बाद भी कॉकरोच सांस लेता रहता है।
डिसेंट्रलाइज नर्वस सिस्टम
कॉकरोच का दिमाग इंसानों की तरह कॉम्प्लेक्स नहीं होता और शरीर के कई काम गैंगलिया नाम के नर्वस सेंटर कंट्रोल करते हैं। ये गैंगलिया शरीर के अलग-अलग हिस्सों में फैले होते हैं, जिससे सिर कटने के बाद भी शरीर कुछ समय तक सिंपल रिएक्शन देता रहता है।
सिर कटने के बाद कॉकरोच कैसे जिंदा रहता है?
सांस लेने की प्रक्रिया जारी रहती है- स्पाइरकल्स के माध्यम से ऑक्सीजन मिलती रहती है।
ब्लीडिंग कम होती है- ओपन सर्कुलेटरी सिस्टम के कारण ब्लड का प्रेशर कम होता है, इसलिए ज्यादा खून नहीं बहता।
शरीर की गतिविधियां चलती रहती हैं- गैंगलिया के कारण पैर हिलते रहते हैं और कॉकरोच चल-फिर सकता है।
लाखों सालों में इसने ऐसी शारीरिक संरचना विकसित कर ली है, जो इसे बहुत मजबूत बनाती है। यही कारण है कि कॉकरोच परमाणु युद्ध जैसी भीषण परिस्थितियों में भी जिंदा रह सकते हैं।

