Gond vs Gond Katira: लोग कई तरह के ड्रिंक्स भी लेते हैं। लेकिन लोगों के मन में अक्सर ये सवाल उठता होगा कि दोनों में से गर्मी के लिए कौन ज्यादा फायदेमंद है। आइए हम आपकी इस दुविधा को दूर करते हैं। Gond vs Gond Katira
कच्चे पपीते के जूस में यह मिलाकर पीने से पेट की चर्बी हो जाएगी कम
ये दोनों ही सेहत को ढेरों फायदे पहुंचाने में मदद करते हैं। आज हम गोंद और गोंद कतीरा के बारे में बात करेंगे।
गोंद क्या है?
गोंद, बबूल के पेड़ से निकाला जाता है और इसे ज्यादातर सर्दियों में खाया जाता है। इसकी तासीर गर्म होती है। इसे खाने से हमारा शरीर मजबूत बनता है। हड्डियों को भी ताकत मिलती है। कहते हैं डिलीवरी के बाद महिलाओं को गोंद का सेवन जरूर करना चाहिए। इसका इस्तेमाल लड्डू, पंजीरी जैसी चीजों में किया जाता है।
फायदे
हड्डियों को मजबूत बनाए
कमजोरी दूर करना
सर्दी में ऊर्जा बढ़ाए
गोंद कतीरा क्या है?
गोंद कतीरा कटीरा पेड़ से निकलता है और यह पानी में भीगने पर फूलकर जैली जैसा बन जाता है। इसकी तासीर ठंडी होती है। इसे खाने से शरीर को ठंडक मिलती है। ये पेट के लिए भी बेहद फायदेमंद है। गर्मियों में इसे शरबत, ठंडाई या दूध में मिलाकर लिया जाता है।
जाने, क्यों सड़कों के बीच डिवाइडर पर लगाए जाते हैं पौधे? वजह!
फायदे
शरीर में ठंडक बनाए रखे
लू से करे बचाव
स्किन को ठंडक देना
गर्मी में क्या ज्यादा फायदेमंद है?
गर्मियों में गोंद कतीरा ज्यादा फायदेमंद है। इसके पीछे कई कारण हैं-
भीगे हुए गोंद कतीरा को खाने से शरीर की गर्मी कम होती है। इसे खाने से गर्मी से जुड़ी समस्याएं जैसे सिर दर्द, चक्कर आने से राहत मिलती है।
गोंद कतीरा शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखता है। इससे लू नहीं लगती है।
गोंद कतीरा खाने से पाचन तंत्र ठीक रहता है।
गोंद कतीरा के शीतल गुण त्वचा के लिए वरदान से कम नहीं हैं।
कैसे करें सेवन?
गोंद कतीरा को रात भर के लिए पानी में भिगो दें। सुबह यह फूलकर जैली जैसा हो जाता है। इसे आप ठंडाई या गुलाब शरबत में मिलाकर ले सकते हैं। दूध में भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा फालूदा या कुल्फी में भी मिलाकर गोंद कतीरा को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
जानें, क्यों किसी भी पते के पीछे लिखा जाता है PIN Code

