Kanpur Census 2027 : जनगणना 2027 में पहली बार नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प मिलेगा।
DM जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना की प्रक्रिया संचालित की जाएगी, जिसमें नागरिक घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
इसके बाद 22 मई से 20 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना करेंगे। जनगणना के संबन्ध में जनपद स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित किया गया। Census 2027
डीएम ने की अपील
DM JP SINGH ने जनपदवासियों से अपील की कि वे 7 मई से 21 मई के बीच अधिक से अधिक संख्या में स्व-गणना कर जनगणना 2027 को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी करें।
देश की 16वीं और आजादी के बाद आठवीं जनगणना (Census 2027)
जनगणना का प्रथम चरण 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक संचालित होगा, जिसमें मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी। जनगणना का द्वितीय चरण फरवरी 2027 में आयोजित होगा, जिसमें जनसंख्या की गणना होगी। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी, जो गांव, शहर और वार्ड स्तर पर प्राथमिक आंकड़ों का सबसे बड़ा और सबसे विश्वसनीय स्रोत मानी जाती है।
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पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना
उन्होंने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और पहली बार नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प दिया गया है। जनगणना से पूर्व निर्धारित अवधि में नागरिक सेंसस सेल्फ एन्युमरेशन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी गणना कर सकेंगे। कोई भी सामान्य निवासी ऑनलाइन प्रश्नावली भरकर स्व-गणना कर सकता है।
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ऐसे कर सकेंगे स्व-गणना
जिलाधिकारी ने बताया कि कानपुर नगर में स्व-गणना के लिए नागरिकों को जनगणना पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर अपने राज्य का चयन कर पंजीकरण करना होगा। परिवार के मुखिया का नाम और दस अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही परिवार का पंजीकरण किया जा सकेगा। एक व्यक्ति अपना अथवा अपने परिवार के सदस्यों की स्व-गणना पूरे भारत में कहीं से भी कर सकता है।
नागरिक अपनी पसंद की भाषा चुनकर जिले, पिन कोड तथा गांव या शहर की जानकारी दर्ज कर सकेंगे और मानचित्र पर लाल संकेतक के माध्यम से अपने आवास का सटीक स्थान चिह्नित कर सकेंगे।
प्रिव्यू के बाद फाइनल सबमिट, फिर मिलेगी पंजीकरण संख्या
इसके बाद मकान सूचीकरण और परिवार से संबंधित प्रश्नावली भरनी होगी। सभी विवरण दर्ज करने के बाद नागरिक प्रिव्यू स्क्रीन पर अपने द्वारा भरी गई जानकारी की जांच कर सकेंगे। जानकारी सही पाए जाने पर “फाइनल सबमिट” करने पर एक विशिष्ट 11 अंकों की स्व-गणना पंजीकरण संख्या प्राप्त होगी, जो मोबाइल या ईमेल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। जब जनगणना प्रगणक घर पहुंचेगा तो नागरिकों को यह स्व-गणना पंजीकरण संख्या उपलब्ध करानी होगी। यदि दर्ज जानकारी उपलब्ध अभिलेखों से मेल खाती है तो उसका सत्यापन कर लिया जाएगा, जबकि अंतर पाए जाने पर प्रगणक आवश्यक जानकारी पुनः एकत्र करेगा।
घर-सूचीकरण में दर्ज होंगे 33 प्रकार के विवरण
जिलाधिकारी ने बताया कि घर-सूचीकरण चरण के दौरान सर्वेक्षक भवन के उपयोग, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, स्वामित्व की स्थिति, जल, विद्युत और शौचालय की उपलब्धता, खाना पकाने के ईंधन के प्रकार तथा फोन, वाहन और टेलीविजन जैसी परिसंपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रकार के विवरण दर्ज करेंगे।

