KANPUR CSJMU NEWS : छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने नवाचार, उद्यमिता और रचनात्मक अनुसंधान के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
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भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) के इनोवेशन सेल (MIC) ने विश्वविद्यालय को शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए पांच में से चार स्टार रेटिंग प्रदान की है। विश्वविद्यालय ने मूल्यांकन में 100 में से 79.38 अंक प्राप्त किए हैं। पिछले सत्रों में भी चार स्टार रेटिंग हासिल करना विश्वविद्यालय में नवाचार आधारित गतिविधियों के निरंतर संचालन और बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।
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विश्वविद्यालय को यह उपलब्धि कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों के परिणामस्वरूप मिली है। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस उपलब्धि में शिक्षकों, विद्यार्थियों, छात्र समन्वयकों और इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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93 गतिविधियों में से 90 को मिली स्वीकृति
शैक्षणिक सत्र 2024-25 की आधिकारिक प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय ने कुल 93 गतिविधियां प्रस्तुत की थीं, जिनमें से 90 गतिविधियों को स्वीकृति मिली। मूल्यांकन में गतिविधियों के प्रदर्शन के लिए 80 प्रतिशत और सहभागिता के लिए 20 प्रतिशत भार निर्धारित किया गया था। रिपोर्ट में गतिविधि प्रदर्शन के अंतर्गत 74.67 अंक और सहभागिता के लिए 4.71 अंक दर्ज किए गए। इस प्रकार विश्वविद्यालय का कुल स्कोर 79.38 अंक रहा, जिसके आधार पर उसे चार स्टार रेटिंग प्रदान की गई।
नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
शिक्षा मंत्रालय का इनोवेशन सेल उच्च शिक्षण संस्थानों में स्थापित इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल की गतिविधियों का मूल्यांकन करता है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों में रचनात्मक सोच, उद्यमशीलता, स्टार्टअप संस्कृति और व्यावहारिक समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करना है। इसके तहत निर्धारित कैलेंडर के अनुसार आयोजित कार्यक्रमों, मंत्रालय के निर्देशों पर संचालित गतिविधियों, संस्थान की ओर से किए गए नवाचार संबंधी प्रयासों और विशेष आयोजनों का आकलन किया जाता है।
विश्वविद्यालय की यह उपलब्धि विद्यार्थियों को नए विचारों पर काम करने, अनुसंधान आधारित समाधान विकसित करने और उद्यमिता के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित करेगी। साथ ही बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर), अंतर्विषयी सहयोग और उद्योग-अकादमिक सहभागिता को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक ने इस उपलब्धि पर सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों, छात्र समन्वयकों और इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल की टीम को बधाई दी है। विश्वविद्यालय ने भविष्य में भी नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

