KANPUR NEWS : दिल्ली में पकड़ी गई नकली anti-rabies vaccine (एआरवी) कानपुर से ही भेजी गई थी। इसका खुलासा शुक्रवार को ड्रग विभाग की जांच में हुआ है।
ड्रग विभाग की टीम ने बिरहाना रोड व एक्सप्रेस रोड की सील की गई तीनों दुकानों को खुलवाकर जांच पड़ताल की। इसमें कानपुर व हरदोई की फर्मों से वापस आई 592 नकली वैक्सीन को सीज किया गया है। सैंपल जांच के लिए हिमाचल प्रदेश के कसौली प्रयोगशाला में भेजा गया है। दिल्ली में पकड़ी गई व फर्मों से वापस आई नकली वैक्सीन का बैच नंबर एक ही निकला है।
ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल और देवयानी दुबे ने बिरहाना रोड और एक्सप्रेस रोड में सील की गई दवा एजेंसियों की तीन दुकानों को खुलवाया। सबसे पहले बिरहाना रोड स्थित बलजीत कौर पत्नी राजेंद्र सिंह के न्यू आरजे एजेंसी की सील खुलवाकर जांच पड़ताल की गई। वहां से हरदोई व कानपुर की फर्मों से वापस आई 592 वैक्सीन बरामद हुईं।
बाकी अन्य फर्मों से वापस आई कोई वैक्सीन बरामद नहीं हुई। तत्काल ड्रग इंस्पेक्टर ने 592 वैक्सीन को सीज करके सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। बरामद वैक्सीन और दिल्ली में पकड़ी गई वैक्सीन का बैच नंबर एक ही मिला है। ऐसे में कानपुर से दिल्ली एंटी रेबीज वैक्सीन भेजे जाने की पुष्टि भी हो गई।
देर शाम ड्रग विभाग की टीम नकली एंटी रेबीज वैक्सीन न्यू आरजे एजेंसी को बेचने वाले तरनदीप सिंह की एक्सप्रेस रोड स्थित एलेक्जर क्योर एजेंसी की जांच पड़ताल की। मौके पर ड्रग विभाग की टीम को कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं। ड्रग विभाग की टीम शनिवार भी जांच जारी रखेगी।
कई राज्यों में भेजी गई वैक्सीन
अधिकारियों के मुताबिक दस्तावेजों की जांच में संबंधित वैक्सीन की आपूर्ति कानपुर के बाहर भी होने के प्रमाण मिले हैं। अब उन स्थानों की पहचान की जा रही है जहां खेप भेजी गई थी। साथ ही प्रत्येक स्थान पर भेजी गई मात्रा का मिलान रिकॉर्ड से किया जा रहा है।
एलेक्जयोर में नहीं मिला नकली स्टॉक
ओमपाल सिंह ने बताया कि एलेक्जयोर फर्म की जांच भी चल रही है। फिलहाल वहां नकली वैक्सीन का स्टॉक नहीं मिला है। दोनों एजेंसियों के दस्तावेज और उपलब्ध स्टॉक की पड़ताल पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

