KANPUR NEWS : उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ कानपुर नगर के शिक्षकों ने भारत सरकार से अपील की है कि टीईटी योग्यता लागू होने से पहले नियुक्त लाखों शिक्षकों के लिए पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए।
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उन्होंने अध्यादेश के माध्यम से भी इन शिक्षकों को टीईटी से मुक्ति दिलाने की मांग की है। इस दौरान कलेक्ट्रेट में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया।
शिक्षकों की मुख्य मांग है कि वर्ष 2011 से पूर्व मौलिक पदों पर नियुक्त शिक्षकों पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टीईटी लागू करने के निर्णय पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए। संघ ने इन शिक्षकों को टीईटी योग्यता से मुक्ति दिलाने का अनुरोध किया है।
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शिक्षकों ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने 01 सितंबर 2025 के अपने निर्णय में कहा है कि जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक का समय है, उन्हें दो वर्ष के भीतर टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी, अन्यथा उनकी सेवाएं सुरक्षित नहीं होंगी। संघ का तर्क है कि उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्ति में टीईटी योग्यता 27 जुलाई 2011 से अनिवार्य की गई थी।
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ज्ञापन देने वालो में मुख्य रूप से ज़िला अध्यक्ष राजेश शर्मा, ज़िला उपाध्यक्ष साजिद यूसुफ़, महामंत्री दिनेश चंद्र त्रिपाठी, शिरोमणि सिंह,ख़ान शौकत इस्लाम आदि मौजूद रहे।

