Mother’s Day: हर साल मई का दूसरा रविवार दुनियाभर के माताओं के नाम कर दिया जाता है। इसे हम मदर्स डे के रूप में मनाते हैं। इस दिन बच्चे अपनी मां के लिए प्यार, आभार और सम्मान व्यक्त करते हैं। Mother’s Day
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क्या आपने कभी ये सोचा है कि मदर्स डे मई के दूसरे रविवार को ही क्यों मनाया जाता है? क्या ये दिन यूं ही तय कर दिया गया या इसके पीछे कोई खास वजह है? आज हम आपको अपने इस लेख में बताएंगे कि इसे मई के दूसरे रविवार को ही क्यों मनाया जाता है। आइए जानते हैं विस्तार से-
कब है Mother’s Day 2025?
इस साल 11 मई को मदर्स डे मनाया जाएगा। इस दिन को खास बनाने के लिए आप को सरप्राइज प्लान कर सकते हैं। आप चाहें तो मां के साथ काेई ट्रिप प्लान कर सकते हैं। उसी शहर में रहते हुए भी कहीं डिनर या फिर मां को मूवी दिखाने लेकर जा सकते हैं। इससे उन्हें भी लगेगा कि आप उनकी कितनी परवाह करते हैं।
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कब हुई थी मदर्स डे मनाने की शुरुआत?
इस दिन को मनाने की शुरुआत एना रीव्स जार्विस ने की थी। कहा जाता है कि इस दिन के जरिए एना अपनी मां एन रीव्स जार्विस को श्रद्धांजलि देना चाहती थीं। उनकी मां, गृहयुद्ध के समय एक एक्टिविस्ट की तरह काम करती थीं। जब 1904 में उनकी मौत हो गई तो उनकी याद में पहली पुण्यतिथि पर वेस्ट वर्जिनिया में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इसमें कई महिलाएं भी शामिल हुईं। जो महिलाएं मां बन चुकी थीं उन्हें 500 से ज्यादा व्हाइट कार्नेशन फूल दिए गए। ये उनकी मां का पसंदीदा फूल हुआ करता था। इसके बाद उन्होंने फैसला किया कि हर साल Mother’s Day मनाया जाना चाहिए। 1914 में अमेरिका के राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने अधिकारिक रूप से मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे घोषित कर दिया।
मई के दूसरे रविवार को ही क्यों चुना गया?
दरअसल, एना के मां की मौत मई में हुई थी। उन्होंने अपनी मां को श्रद्धांजलि देने के लिए मई के दूसरे रविवार को ही श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया था। इस तारीख को चुनने की वजह यह थी कि रविवार के दिन हर किसी की छुट्टी होती है। इसलिए वे अपने परिवार व खासकर मां के साथ समय बिता सकते हैं।
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मदर्स डे का महत्व
मां को सम्मान और प्यार देने का मौका
मां के योगदान को याद करने का दिन
मां-बच्चे के रिश्ते को और मजबूत करने का मौका
समाज में मातृत्व की भूमिका को उजागर करने का माध्यम

