- प्राइमरी स्कूलों में पढाई खराब है, IAS से चपरासी सभी के बच्चों को सरकारी स्कूल में पढाया जाए
- परीक्षा केंद्र पास रखा जाए, अभी जो परीक्षा हुई उसमें केंद्र दूर होने से खासी परेशानी हुई
- IIT स्टूडेंट्स पढते यहां हैं और फिर विदेश नौकरी करने चले जाते हैं, सरकार यह अनिवार्य करे कि आईआईटी पास आउट स्टूडेंट यहां पांच साल अनिवार्य रूप से कार्य करे
- बाल मजदूरी खत्म की जाए
- शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी खत्म हो
Samarth Uttar Pradesh @2047Abhiyaan : समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान के दौरान सभी अफसरों सामने कुछ ने अपने सुझाव दिए तो CM के सलाहकार अवनीश अवस्थी बोले कि सभी के सुझाव लिखे जाए और उसको अमल में लाए जाने पर चर्चा की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के अंतर्गत शासन द्वारा नामित पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज कानपुर नगर पहुँचा और संवाद किया।
CM के सलाहकार एवं सेवानिवृत्त IAS अवनीश कुमार अवस्थी, सेवानिवृत्त IFS बाबूराम अहिरवार, सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. चुन्ना सिंह, कृषि विभाग के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. शंकर सिंह तथा पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता राकेश सिंह शामिल रहे। CSJMU के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक , CSA विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आनंद कुमार सिंह , अपर मुख्य सचिव एवं जनपद के नोडल अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, DM जितेंद्र प्रताप सिंह, CDO दीक्षा जैन, भी उपस्थित रहे।
पहला सत्र: युवाओं और शिक्षाविदों से संवाद
पहला सत्र एचबीटीयू के शताब्दी भवन में हुआ, जिसमें विश्वविद्यालयों के छात्रों, प्राध्यापकों और शिक्षाविदों से बातचीत की गई।
Avnish Awasthi ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे बड़ी होगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रहकर नीतियों के निर्माण और क्रियान्वयन में भी योगदान दें। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी लगातार बदलती तकनीक से रूबरू हो रही है और विकास की गति बनाए रखने के लिए तकनीकी व सामाजिक नवाचारों को साथ लेकर चलना होगा।
अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने युवाओं को केवल नौकरी तक सीमित न रहने और उद्यमिता, स्टार्टअप व शोध के क्षेत्र में भी योगदान करने के लिए प्रेरित किया।
DM Jitendra Pratap Singh ने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश की 1/6 आबादी रहती है। उन्होंने युवाओं एवं शिक्षाविदों से QR कोड के माध्यम से अपना फीडबैक देने का अनुरोध किया। सीडीओ दीक्षा जैन ने कानपुर के विकास से संबंधित प्रेजेंटेशन दिया।
दूसरा सत्र: कृषकों, एफपीओ और कृषि वैज्ञानिकों से संवाद
दूसरा सत्र चंद्रशेखर आज़ाद कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ, जिसमें किसानों, एफपीओ सदस्यों और कृषि वैज्ञानिकों से विस्तृत विमर्श हुआ।
अवनीश अवस्थी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 2017 से अब तक कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। खाद्यान्न उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी 35.3 प्रतिशत, दालों में 17.4 प्रतिशत, गेहूँ में 42.8 प्रतिशत और गन्ने में 54.5 प्रतिशत तक पहुँच गई है। आलू उत्पादन 40.7 प्रतिशत तक बढ़ा है। दुग्ध उत्पादन 7.43 करोड़ टन तक पहुँचा और मत्स्य पालन का आउटपुट शेयर 8.3 प्रतिशत तक पहुँचा है।
अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि नीति निर्माण में किसानों की राय भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी विशेषज्ञों की। सीएसए के कुलपति डॉ. आनंद कुमार सिंह ने कहा कि कृषि को नई ऊँचाई देने के लिए वैज्ञानिक निवेश और आधुनिक तकनीक का प्रयोग अनिवार्य है।
जनता से अपील: क्यूआर कोड व पोर्टल के माध्यम से सुझाव
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि अभियान के अंतर्गत कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन, महिला विकास, रोजगार, कानून–व्यवस्था, ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसे 12 क्षेत्रों में जनता से सुझाव लिए जा रहे हैं।
लोग अपने सुझाव क्यूआर कोड स्कैन कर या सीधे पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर दर्ज करा सकते हैं

