Swami Avimukteshwaranand Controversy : प्रयागराज के रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के आदेश के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Swami Avimukteshwaranand) और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी पर झूंसी थाने में FIR दर्ज कर ली गई. Swami Avimukteshwaranand Case
यौन शोषण के आरोप पर अविमुक्तेश्वरानंद का जवाब आया
इस मामले में 2 से 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने मामले में BNS की धारा 351(2)और POCSO Act में मामला दर्ज किया है. वहीं, झूंसी थाने में FIR दर्ज होने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज को अपराधी बताया और कहा कि उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं.
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एफआईआर में क्या लिखा है? (Swami Avimukteshwaranand FIR)
झूंसी थाने में दर्ज शिकायत में लिखा है,
खुद को शंकराचार्य बताने वाले अविमुक्तेश्वरानंद और उसके शिष्यों ने गुरुकुल में शिक्षा और सेवा के नाम पर दो नाबालिग बच्चों के साथ कई बार यौन शोषण किया. महाकुंभ 2025 के दौरान मेला क्षेत्र में भी दोनों का यौन शोषण किया गया. माघ मेला 2026 के दौरान भी दोनों बच्चों के साथ फिर से यौन उत्पीड़न किया गया. रात के समय आरोपी के शिष्य ये कहकर उन पर दबाव बनाते थे कि यह गुरुसेवा है. इससे आशीर्वाद मिलेगा.
FIR में आरोप लगाया गया कि ‘बच्चों ने शिकायत करने वाले (आशुतोष ब्रह्मचारी) को यह भी बताया कि यौन उत्पीड़न के साथ-साथ उनसे और भी कई काम जबरन कराए जाते थे. अविमुक्तेश्वरानंद उन्हें साथ सोने को कहते थे और नग्न करके बार-बार यौन शोषण करते थे. माघ मेला में भी शिविर के बाहर खड़ी गाड़ी में अविमुक्तेश्वरानंद ने दोनों का बारी-बारी से उत्पीड़न किया. पीड़ितों में से एक नाबालिग है और एक बालिग लड़का भी है, जिसे बलपूर्वक निर्वस्त्र करके गंभीर यौन अपराध किया गया. इस मामले में प्रयागराज के पुलिस अधिकारियों को ईमेल से और डाक द्वारा भी शिकायत भेजी गई लेकिन आज तक केस दर्ज नहीं किया गया. बाद में शिकायतकर्ता को धमकियां मिलीं, जिसके बाद ये मामला लेकर कोर्ट जाना पड़ा.’
Credit : thelallantop.com

