Wi-Fi harmful for health: आजकल Wi-Fi हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। ऑफिस से लेकर घर तक, हम हर जगह इंटरनेट से जुड़े रहते हैं। Wi-Fi harmful for health
जानें, नींद में गिरने जैसा क्यों महसूस होता है?
ऐसे में, कई लोग तो रात में भी अपना राउटर चालू छोड़ देते हैं ताकि उनका फोन या लैपटॉप कनेक्टेड रहे, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रात भर चालू रहने वाला यह छोटा-सा डिवाइस हमारी सेहत पर क्या असर डालता है (Wi-Fi Router Health Effects)? क्या हमें सोने से पहले Wi-Fi राउटर को बंद कर देना चाहिए? आइए इस सवाल के पीछे की सच्चाई और इससे जुड़े फायदों को विस्तार से समझते हैं।Wi-Fi रेडिएशन क्या होता है?
Wi-Fi राउटर से निकलने वाली तरंगों को रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) रेडिएशन कहते हैं। यही तरंगे मोबाइल फोन, टीवी और रेडियो से भी निकलती हैं। ये नॉन-आयोनाइजिंग रेडिएशन होती हैं यानि ये सीधे तौर पर शरीर की कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुंचाती हैं।
क्या Wi-Fi से निकलने वाला रेडिएशन हानिकारक है? (WiFi radiation effects on health)
साल 2011 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से जुड़ी संस्था IARC (International Agency for Research on Cancer) ने मोबाइल फोन से निकलने वाले रेडिएशन को एक ऐसी कैटेगेरी में रखा था जिसे इंसानों के लिए ‘संभावित रूप से कैंसर उत्पन्न करने वाला’ माना जाता है। हालांकि इस फैसले का ये मतलब नहीं है कि मोबाइल या Wi-Fi का इस्तेमाल सीधे तौर पर कैंसर का कारण बनता है। लेकिन वैज्ञानिकों ने इतना जरूर कहा कि इनके लंबे समय तक ज्यादा उपयोग को पूरी तरह सुरक्षित भी नहीं कहा जा सकता इसलिए सतर्कता बरतना जरूरी है।
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घर के अंदर Wi-Fi रेडिएशन स्तर 2 से 5 V/m तक होता है जबकि बाहर यह 1 V/m से भी कम रहता है। ये मात्रा 61 V/m की सुरक्षित सीमा से काफी नीचे है इसलिए आमतौर पर Wi-Fi का इस्तेमाल सुरक्षित माना जाता है।
रात में Wi-Fi ऑन रखने से कोई खास खतरा? (Health risks of WiFi at night)
रात में अगर आपका Wi-Fi चालू है और आप उससे बहुत पास नहीं हैं (जैसे सिर के पास राउटर न हो) तो इसका प्रभाव नगण्य होता है। यानि इसका आपकी नींद या सेहत पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं होता है।
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क्या Wi-Fi को रात में बंद करना फायदेमंद है?
हालांकि वैज्ञानिक रूप से नुकसान साबित नहीं हुआ है लेकिन लंबी अवधि तक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से घिरे रहना नींद, एकाग्रता और मानसिक शांति पर असर डाल सकता है। खासतौर पर जब आप रात को सोते हैं तब शरीर को पूरी तरह आराम चाहिए होता है और यहीं पर डिजिटल डिटॉक्स का कॉन्सेप्ट काम आता है।
क्या है डिजिटल डिटॉक्स?
Digital Detox का मतलब कुछ समय के लिए खुद को मोबाइल, इंटरनेट, Wi-Fi और दूसरे डिजिटल डिवाइसेज से दूर रखना होता है। इसका मकसद दिमाग को आराम देना, आंखों और नींद को राहत देना और मानसिक थकान को कम करना है।
रात में Wi-Fi बंद कर देना Digital Detox का एक आसान और असरदार तरीका है। कुछ आसान से सुझाव हैं जिसे आप अपना सकते हैं।
सोने से कम से कम 1 घंटे पहले मोबाइल और लैपटॉप से दूरी बना लें इससे आपको इससे रिलैक्स मिलेगा।
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जब भी आप Wi-Fi राउटर लगवाते हैं तो इसे को बेडरूम से बाहर ही रखें तो बेहतर रहेगा।
रात को ऑटोमेटिक Wi-Fi ऑफ करने के लिए टाइमर का इस्तेमाल करें जिससे हर दिन आपको ऑफ करने की जरूरत नहीं होगा ऑटोमेटिक ऑफ हो जाएगा।
सप्ताह में एक दिन ‘नो स्क्रीन डे’ रखें और मोबाइल फोन और अन्य गैजेट्स का इस्तेमाल न करें अगर दूर नहीं रह पा रहे हैं तो कोशिश करें कम से कम इस्तेमाल करें।
इसके अलावां किताब पढ़ें, म्यूजिक सुनें या मेडिटेशन करें और कुछ दिन बाद आप अपने अंदर स्वयं बदलाव महसूस करेंगे।
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