EXCLUSIVE NEWS : यूपी के 23 सीनियर IAS अफसरों का तबादला किया गया है। गोरखपुर, गाजियाबाद, प्रयागराज, बहराइच समेत 10 जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को बदला गया है। अयोध्या के कमिश्नर गौरव दयाल को गृह विभाग के सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। EXCLUSIVE NEWS
UTTAR PRADESH IAS OFFICER TRANSFER
आखिर किन कारणों से 10 जिलों के डीएम बदले ? आइए, जानते हैं…
आलोक सिंह- मंत्री को नहीं मना पाए
कानपुर देहात के डीएम आलोक सिंह को राज्य संपत्ति अधिकारी नियुक्त किया है। हाल ही में राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने अकबरपुर कोतवाली में इंस्पेक्टर को हटाने के लिए धरना दिया था। डीएम भी मनाने पहुंचे थे, लेकिन मंत्री को मनाने में सफल नहीं हुए थे।
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नेहा शर्मा- योगी से बृजभूषण की मुलाकात का असर
नेहा शर्मा 9 जून 2023 से गोंडा की डीएम थी। प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि सीएम योगी और कैसरगंज के पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह के रिश्तों में तल्खी के मद्देनजर डीएम नेहा शर्मा बृजभूषण सिंह, उनके सांसद बेटे करण भूषण सिंह और विधायक प्रतीक भूषण सिंह को उतनी तवज्जो नहीं दे रही थीं।
बीते दिनों योगी और ब्रजभूषण के रिश्तों में जमी बर्फ पिघली है। बृजभूषण और उनके दोनों बेटों ने एक हफ्ते के अंदर मुलाकात की थी। उधर, गोंडा के दूसरे विधायक भी डीएम की कार्यशैली से ज्यादा खुश नहीं थे। ऐसा माना जा रहा है कि नेहा शर्मा को इसी वजह से हटाया गया है। हालांकि, शासन के अधिकारी मानते हैं कि दो वर्ष से अधिक समय का कार्यकाल होने के कारण उन्हें हटाया गया है।
प्रियंका निरंजन: अपना दल ने मोर्चा खोला था
मिर्जापुर की डीएम प्रियंका निरंजन के खिलाफ अपना दल (एस) ने मोर्चा खोल रखा था। लोकसभा चुनाव के बाद अपना दल के उपाध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में मंत्री आशीष पटेल ने खुलकर आरोप लगाया था कि डीएम सहित तमाम प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी अनुप्रिया पटेल को चुनाव हराने में लगे थे।
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शासन की चार योजनाओं का निर्माण कार्य जल्द होगा शुरू
आशीष पटेल लंबे समय से उन्हें हटाने का दबाव बना रहे थे। हालांकि, शासन के अधिकारियों का मानना है कि प्रियंका निरंजन सितंबर 2023 से मिर्जापुर की डीएम थीं। शासन के अधिकारी मानते हैं कि इनका कार्यकाल डेढ़ साल से अधिक समय हो चुका था। इसके चलते ही इन्हें वहां से हटाकर गोंडा की जिम्मेदारी दी गई।
मोनिका रानी: बहराइच के कर्मचारी उनके कामकाज से नाखुश थे, शिकायत शासन तक पहुंची
डीएम मोनिका रानी को बहराइच से हटाकर बेसिक शिक्षा विभाग में विशेष सचिव के पद पर पोस्टिंग दी गई है। मोनिका रानी के खिलाफ कर्मचारी कई दिनों तक आंदोलित रहे। उन पर आरोप है कि 12 जुलाई को छुट्टी के दिन बुलाई गई बैठक में उन्होंने डीडीओ राजकुमार और डीपीओ निहारिका विश्वकर्मा से अभद्र भाषा में बात की थी। इसके अलावा, कांवड़ यात्रा को लेकर उन्होंने 27 अफसरों का वेतन रोक दिया था। इस पूरे मामले की शिकायत शासन तक पहुंची थी।
कृष्णा करुणेश: 3 साल से गोरखपुर के DM थे
GORAKHPUR के डीएम कृष्णा करुणेश को नोएडा का अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके तबादले की दो वजहें बताई जा रही हैं। पहली- 9 जून 2022 को उन्हें गोरखपुर का डीएम बनाया गया था। यानी वे 3 साल से अधिक समय से इस पद पर तैनात थे, इसलिए रोटेशन के आधार पर उनका तबादला किया गया। दूसरी- PAC ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनी महिला सिपाही से जुड़े विवाद के बाद यह तबादला किया गया।
दीपक मीणा: गाजियाबाद में हर दिन जनसुनवाई करते थे, कांवड़ यात्रा संपन्न कराई
IAS दीपक मीणा गाजियाबाद में 6 माह डीएम रहे। 19 जनवरी 2025 को शासन ने उन्हें मेरठ से गाजियाबाद का डीएम बनाया था। हाल ही में संपन्न हुई कांवड़ यात्रा को उन्होंने कुशलता से संपन्न कराया। जनसुनवाई में वह सुबह 10 बजे से लेकर 2 बजे तक अपने कार्यालय में जनता की समस्याएं सुनते थे।
शहर के निरीक्षण में लगातार अधिकारियों के साथ भ्रमण करते और समस्याओं का समाधान करते थे। उनकी छवि एक मिलनसार अधिकारी के रूप में रही। इसका फायदा उन्हें मिला है। दीपक मीणा को सीएम सिटी गोरखपुर का डीएम बनाया गया है। दीपक यूपी के उन चुनिंदा आईएएस में शामिल हैं, जिन्हें योगी सरकार बनने के बाद से लगातार डीएम ही बनाया जा रहा है।
मेधा रूपम: कासगंज में बेहतर काम का इनाम
मेधा रूपम को जून 2024 में कासगंज का डीएम बनाया गया था। उन्होंने जिले में बेहतर काम किया, जिसके आधार पर उन्हें गौतमबुद्धनगर जैसे बड़े और महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब गौतमबुद्धनगर में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और डीएम मेधा रूपम दोनों पदों पर महिला अधिकारी तैनात हैं।
रविंद्र मंदर: महाकुंभ की सफलता का इनाम
रविंद्र कुमार मंदर को पिछले साल सितंबर में प्रयागराज का डीएम बनाया गया था। महाकुंभ के दौरान उन्होंने मेला क्षेत्र के बाहर की व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संभाला। इसी के चलते उन्हें अब गाजियाबाद का डीएम नियुक्त किया गया है।
इससे पहले मंदर को लोकसभा चुनाव से ठीक पहले, 29 जनवरी 2024 को जौनपुर का डीएम बनाया गया था। साढ़े आठ महीने बाद, प्रयागराज के फूलपुर उपचुनाव से पहले उन्हें जौनपुर से प्रयागराज भेजा गया था। मंदर इससे पहले तीन साल तक रामपुर के डीएम रहे, जहां उन्होंने सपा नेता आजम खान के खिलाफ कई कार्रवाइयां की थीं।
मनीष वर्मा: ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने पर गौतमबुद्धनगर से प्रयागराज भेजे गए
गौतमबुद्धनगर के डीएम मनीष वर्मा ने ढाई साल का कार्यकाल पूरा कर लिया था। इसी कारण उन्हें वहां से हटाकर प्रयागराज की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रणय सिंह: 2015 बैच के IAS, पहली बार बने डीएम
प्रणय सिंह 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें पहली बार जिलाधिकारी बनाया गया है। उन्हें कासगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके बैच के कई आईएएस अधिकारी पहले से ही विभिन्न जिलों में डीएम के पद पर तैनात हैं।
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