UTTAR PRADESH NEWS: आखिरकार 13 दिन बाद KANPUR एसीएमओ डॉ.सुबोध प्रकाश यादव का निलंबन का आदेश लेटर आ ही गया। भ्रष्टाचार के आरोप में डॉ. सुबोध प्रकाश के निलंबन का आदेश उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने 24 जुलाई को सुनाया था।
भ्रष्टाचार के आरोप में कानपुर के एसीएमओ डॉ.सुबोध प्रकाश यादव समेत तीन डॉक्टर निलंबित
इसके बाद भी वह रोज ऑफिस में काम कर रहे थे। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने डॉ. सुबोध के निलंबन की पुष्टि की। डॉ. सुबोध अब महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ कार्यालय से संबद्ध रहेंगे। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के निलंबन के TWEET के बाद भी कार्य कर डॉक्टर सुबोध कुमार को देख चर्चा करने लगे थे कि लगता है सब मैनेज हो गया है।
डीटीओ की जिम्मेदारी संभाल रहे थे
वर्तमान समय में डॉ. सुबोध प्रकाश डीटीओ का जिम्मा संभाल रहे थे। डॉ. सुबोध प्रकाश वर्ष 2003 में अलीगढ़ से तबादला होकर कानपुर नगर में परामर्शदाता के पद पर आए थे। वर्ष 2019 में उनकी पदोन्नति हुई और उन्हें कानपुर नगर में ही एसीएमओ बना दिया गया।
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क्या लगा आरोप
प्रमुख सचिव ने बताया कि कानपुर नगर में एसीएमओ के पद पर रहते हुए डॉ.सुबोध प्रकाश यादव ने अपने पद का दुरूपयोग किया। नवम्बर 2024 में डॉ. सुबोध ने चीफ फार्मासिस्ट अवनीश कुमार शुक्ला, डॉ. वन्दन सिंह, वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी के साथ मिलकर सप्लायरों से साठगांठ कर वित्तीय अनियमिततायें बरती।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में जांच के दौरान सीबीआई ने नियम विरूद्ध तरीके से 1.60 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान करने का कुचक्र रचने की पुष्टि की, जिसके बाद मुख्य चिकित्साधिकारी ने जाँच कराई। जाँच में दोषी पाये जाने पर उप मुख्यमंत्री ने डॉ. सुबोध प्रकाश यादव को निलम्बित करने के आदेश दिए। साथ ही विभागीय कार्रवाई की गयी है, आरोपी चीफ फार्मासिस्ट एवं वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी के विरुद्ध भी जल्द ही कार्रवाई की जायेगी।

