BIG BREAKING NEWS : अब पुलिस रिकॉर्ड, नोटिस बोर्ड और गिरफ्तारी मेमो में आरोपी की जाति का जिक्र नहीं किया जाएगा। खास बात यह है कि आरोपी के पिता के नाम के साथ अब माता का नाम भी दर्ज किया जाएगा।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद रविवार को कार्यवाहक मुख्य सचिव दीपक कुमार ने ये आदेश जारी किया। कहा- समाज में जातीय (caste) विभाजन बढ़ाने वाली किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वाहनों पर जाति लिखकर घूमने वालों का चालान होगा। जातीय स्टिकर-नारे हटाए जाएंगे। जाति आधारित रैलियों पर अब प्रतिबंध रहेगा। BREAKING NEWS
’30 अक्टूबर तक सडक की मरम्मत न हो तो दर्ज करें अफसर पर FIR’
1- सोशल मीडिया पर जाति को बढ़ावा देने पर एक्शन (UTTAR PRADESH NEWS)
आदेश के मुताबिक, सोशल मीडिया पर जाति को बढ़ावा देने या किसी जाति की निंदा करने वालों पर भी कार्रवाई होगी। ऐसे पोस्ट करने वालों के खिलाफ पुलिस FIR दर्ज करेगी। सिर्फ उन्हीं मामलों में जाति दर्ज करने की अनुमति होगी, जहां कानूनी बाध्यता है- जैसे कि एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज केस।
2- गाड़ियों पर जाति लिखकर चलने पर चालान होगा
सड़कों पर कई बार गाड़ियों पर ‘जाट हूं’, ‘ठाकुर साहब’, ‘पंडित जी’ जैसे स्लोगन लिखे दिखते हैं। अब ऐसे वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान होगा। पुलिस को आदेश है कि ऐसे सभी स्टिकर और नारे हटवाए जाएं।
3- जाति आधारित बोर्ड और बैनर भी हटेंगे
कस्बों और शहरों में लगे ऐसे बोर्ड, जिनमें किसी जाति का महिमामंडन किया गया हो, उन्हें तुरंत हटाया जाएगा। आगे से ऐसे बोर्ड लगाने पर सख्ती होगी।

