UP IAS OFFICER NEWS : ‘मैंने इस्तीफा नहीं दिया है। मीडिया में गलत बातें चल रही हैं। मैंने 26 मार्च को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर टेक्निकल रेजिगनेशन मांगा है। इसे नौकरी छोड़ने नहीं, विकल्प या अनुरोध के रूप में समझिए।’
IAS रिंकू सिंह राही को योगी सरकार ने हटाया
ये कहना है IAS रिंकू सिंह राही (IAS Rinku Singh Rahi) का, जो इस्तीफा देकर अचानक मंगलवार को सुर्खियो में आए। वह कहते हैं- कुछ अधिकारी सरकारी सिस्टम को समझ नहीं पाते और नौकरी छोड़ देते हैं, लेकिन मैं सेवा छोड़ना नहीं चाहता। सिस्टम में कुछ कमियां हैं, जिन्हें सुधारा जा सकता है। 31 मार्च को आईएस रिंकू सिंह राही के इस्तीफे की खबर आई थी.
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रिंकू के इस्तीफे में है कई पेंच
वैसे IAS रिंकू सिंह राही के इस्तीफे में कई पेंच थे. उन्होंने अपना कथित इस्तीफे वाला लेटर राष्ट्रपति को भेजा था, जबकि अगर किसी IAS अफसर को अपने पद से इस्तीफा या VRS के लिए अप्लाई करना होता है. उसे प्रमुख सचिव (नियुक्ति) और UPSC को अपना इस्तीफा भेजना होता है. कल जैसे ही IAS रिंकू सिंह राही के इस्तीफे की खबर आई तो शासन के सूत्रों का कहना था कि IAS रिंकू सिंह ने पब्लिसिटी के लिए यह लेटर जारी किया है.अगर सच में इस्तीफा देना होता तो वह प्रॉपर चैनल के जरिए अपना इस्तीफा सरकार को भेजते. 24 घंटे में रिंकू ने साफ कर दिया कि उन्होंने कोई इस्तीफा नहीं दिया. IAS OFFICER NEWS
राष्ट्रपति के भेजे लेटर में रिंकू सिंह राही ने क्या लिखा था? (IAS OFFICER NEWS)
राष्ट्रपति को भेजे लेटर में उन्होंने लिखा था कि SDM रहते हुए उनके ऊपर पहले कार्रवाई हुई और बाद में उन्हें साइडलाइन कर दिया गया. अब उन्हें न पोस्टिंग दी गई और न ही कोई गरिमापूर्ण कार्य आवंटित किया जा रहा है. कहा कि उन्हें काम करने का मौका ही नहीं दिया जा रहा. इस समय संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग तरह का सिस्टम चल रहा है. राष्ट्रपति को भेजे अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि उन्हें वेतन तो मिल रहा है, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं. न कोई पोस्टिंग और न भी कोई कार्य आवंटन किया गया. ऐसे में वह कब तक इंतजार करें.
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2004 में पीसीएस परीक्षा की थी पास
2004 में पीसीएस परीक्षा पास करने वाले Rinku Singh Rahi 2009 में मुजफ्फरनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी के रूप में तैनात थे. इसी दौरान रिंकू ने 100 करोड़ रुपये के गबन का खुलासा किया था. इस खुलासे के बाद रिंकू को सात गोलियां मारी गई थी. इलाज के बाद रिंकू ने घोटाले के खुलासे के लिए RTI के तहत विभाग से कुछ सूचनाएं मांगी थीं… लेकिन, एक साल बाद भी उन्हें सूचनाएं नहीं दी गईं. इसके बाद 26 मार्च, 2012 को रिंकू राही ने लखनऊ निदेशालय के बाहर अनशन शुरू कर दिया था. पुलिस ने रिंकू राही को वहां से उठाकर मेंटल हॉस्पिटल लखनऊ भेज दिया था.
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2021 में रिंकू का सलेक्शन UPSC में हुआ
2021 में Rinku Singh Rahi का सलेक्शन UPSC में हुआ था और उन्हें 683वीं रैंक मिली थी. IAS बनने के बाद उन्हें 5 अप्रैल 2024 को मथुरा का असिस्टेंट मजिस्ट्रेट बनाया गया था. साल 2025 में अचानक से सुर्खियों में आए थे, जब शाहजहांपुर में SDM रहते वकीलों के सामने उठक-बैठक करने का उनका वीडियो वायरल हुआ था. इस घटना के बाद जुलाई 2025 से उनको राजस्व विभाग में अटैच कर दिया गया था. करीब 9 महीने से यहीं पर तैनात हैं. रिंकू सिंह का कहना है कि उन्हें सैलरी मिल रही है, लेकिन काम नहीं मिल रहा है.

