KANPUR COLLEGE GSVM NEWS: शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल (एलएलआर) में अब ब्रेन और स्पाइन (रीढ़ की हड्डी) की जटिल सर्जरी बेहद आसान और सुरक्षित हो गई है। मेडिकल कॉलेज (Medical College) के सुपर स्पेशिलिटी विंग में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और न्यूरो नेविगेशन सिस्टम से लैस एक अत्याधुनिक मशीन का इस्तेमाल शुरू किया गया है। KANPUR GSVM NEWS
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1.8 करोड़ रुपए की यह मशीन ठीक वैसे ही काम करती है, जैसे सड़क पर रास्ता ढूंढ़ने के लिए ‘गूगल मैप’ काम करता है। इससे कानपुर और आसपास के 10 जिलों के लाखों मरीजों को सीधे फायदा मिलेगा।
सुपर स्पेशिलिटी विंग के प्रभारी डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि
इंसान का दिमाग करीब एक से डेढ़ किलो का होता है। पहले जब किसी मरीज के दिमाग से ट्यूमर निकालना होता था, तो उसे खोजने के लिए डॉक्टरों को पूरा ब्रेन ओपन करना पड़ता था। इसमें घंटों का समय लगता था और ट्यूमर ढूंढ़ने के चक्कर में मरीज की जान जाने का खतरा भी हमेशा बना रहता था।
लेकिन अब इस नई एआई मशीन में मरीज की सीटी स्कैन या एमआरआई रिपोर्ट को पहले ही फीड (स्कैन) कर दिया जाता है। इसके बाद मशीन में लगे सेंसर डॉक्टरों को कंप्यूटर स्क्रीन पर साफ-साफ गाइड करते हैं कि ट्यूमर दिमाग के किस हिस्से में और कितनी गहराई पर है।
बिना बड़े कट के ‘मिनिमल इनवेसिव सर्जरी’, दर्द भी कम और छुट्टी भी जल्दी
डॉ. मनीष सिंह के मुताबिक, इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब मरीजों का पूरा सिर खोलने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती। डॉक्टर अब ‘मिनिमल इनवेसिव सर्जरी’ यानी बेहद छोटे से चीरे के जरिए सीधे उसी सटीक जगह पर पहुंचते हैं, जहां दिक्कत होती है। छोटा कट लगने के कारण मरीजों को सर्जरी के दौरान और उसके बाद बहुत कम दर्द होता है। खून भी नाममात्र का बहता है, जिससे मरीज तेजी से रिकवर होता है और उसे अस्पताल से जल्दी छुट्टी मिल जाती है।
गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को सबसे बड़ी राहत….
सरकारी अस्पताल में इस सुविधा के शुरू होने से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को सबसे बड़ी राहत मिली है। प्राइवेट अस्पतालों में जिस न्यूरो सर्जरी के लिए लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे, वो अब एलएलआर अस्पताल में बेहद कम खर्च पर हो सकेगी। इस आधुनिक एआई तकनीक के आने से अब गंभीर से गंभीर मरीजों की जान आसानी से बचाई जा सकेगी।

