Avneesh Dixit Case : कानपुर प्रेस क्लब का पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित बुधवार की रात जेल से रिहा कर दिया गया। अवनीश दीक्षित पर एक अरब की जमीन के कब्जे के प्रयास समेत 21 अपराधिक मामले दर्ज है।
कानपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष को हाईकोर्ट से जमानत, 16 में से 14 मामले में जमानत
सभी मामलों में उसे जमानत मिलने के बाद बुधवार देर रात वो जेल से रिहा कर दिया गया। अवनीश को लेने के लिए एक गाड़ी में चार-पांच लोग पहुंचे हुए थे। जेल से बाहर आने के बाद उसने किसी से कुछ नहीं कहा और गाड़ी में बैठकर रवाना हो गया।
एसीपी कोतवाली अशुतोष कुमार ने बताया कि अवनीश दीक्षित के खिलाफ दर्ज सभी मामलों में चार्जशीट लग चुकी है। जिसके बाद जमानत पर सुनवाई अदालत में तय थी। सभी अपराधिक मामलों में उसकी जमानत हो गई जिसके बाद उसकी रिहाई हुई है। Avneesh Dixit Case
बीती 28 जुलाई 2024 को कोतवाली पुलिस ने प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित को सिविल लाइंस स्थित मैरी एंड मेरीमैन कम्पाउंड पर कब्जा करने के प्रयास में आरोपी बनाया गया था। इस मामले में कानपुर तहसील के लेखपाल और कम्पाउंड में रहने वाले परिवार के सदस्यों ने दो एफआईआर दर्ज कराई थी।
अवनीश दीक्षित के जेल में रहते हुए पुलिस ने उसके पुराने अपराधिक मामलों की भी जांच की और एक के बाद एक 21 अपराधिक मामले दर्ज किए गए। जिसमें गैंगस्टर एक्ट भी शामिल है। पुलिस कमिश्नरेट बनने के बाद अवनीश दीक्षित का पहला इंटर जोनल गैंग था। जिसे पुलिस ने पंजीकृत कराया था। Kanpur News
5 मामलों की हाईकोर्ट से हुई जमानत बाकी सेशन कोर्ट ने ही सुने
अवनीश दीक्षित के खिलाफ दर्ज 21 अपराधिक मामलों में 5 अपराधिक मामलों में हाईकोर्ट से जमानत मिली है। जिसमें गैंगस्टर एक्ट और पीएफ घोटाले के मामले मुख्य है। बाकी मामलों में सेशन कोर्ट से सुनवाई होने के बाद जमानत मिल गई थी।
कानपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष को हाईकोर्ट से जमानत
बुधवार को हाईकोर्ट से उसे पीएफ घोटाले में जमानत मिली जिसके बाद जल्दी उसके लोगों ने जमानतगीर सेशन कोर्ट में दाखिल कर वेरीफिकेशन कराने के बाद देर रात लगभग 10 बजे उसे जेल से रिहा करा लिया।
प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित की जमानत याचिका निरस्त
जमानतगीरों ने हाथ पीछे खींच लिए थे
अवनीश का केस देख रहे एडवोकेट के मुताबिक उसे मई में ही बाहर आ जाना चाहिए था। मगर जिन मामलों में उसकी जमानत हुई थी उसके जमानतदारों ने एक एक कर हाथ पीछे खींचना शुरू कर दिए। कई जमानतदारों ने अपनी जमानतें वापस ले ली। जिसके कारण नए जमानतदारों को कोर्ट के सामने लाने में वक्त लग गया। इसके कारण रिहाई में DELAY हुआ।

