BIG NEWS : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand) सरस्वती बुधवार देर रात करीब 11:30 बजे अपनी दो दिवसीय गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के तहत गोंडा जिले के कटरा बाजार क्षेत्र के बरुई गोंदहा पहुंचे।
यहां सपा नेता विनोद शुक्ला द्वारा आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (Satish Mahana) के बयान पर पलटवार करते हुए वैष्णो देवी में चांदी चोरी और अमरनाथ शिवलिंग के पांच दिन में अंतर्ध्यान होने के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के चंदा चोरी संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा- अभी तक मुख्यमंत्री पद पर बैठा व्यक्ति ही उस पद को लज्जित कर रहा था, अब विधानसभा अध्यक्ष भी अपने पद को लज्जित कर रहे हैं। उन्होंने महाना को उच्च पद की गरिमा बनाए रखते हुए संयम बरतने की सलाह दी।
शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि महाना चोरी के मामले से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। लोग इस चोरी को भूल नहीं पा रहे हैं, इसलिए ध्यान दूसरी ओर मोड़ा जा रहा है। अयोध्या में भी ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
उन्होंने आगे कहा- इसी तरह महाना जी भी लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। वे ऐसी बातें कर रहे हैं, जिनका न तो सिर है और न ही पैर। बताइए, उनके पास कौन-सा थर्मामीटर या कौन-सी मशीन है, जिससे पता चल जाता है कि कौन-सा रुपया श्रद्धा का है और कौन-सा बिना श्रद्धा का।
अमरनाथ यात्रा शुरू होने के पांच दिनों में ही शिवलिंग के पिघलने पर भी उन्होंने बीजेपी सरकार को ही दोषी ठहराया. कहा कि, 200 वर्षों से गौ रक्षा का कानून बना था. वहां भाजपा ने यह कानून हटा दिया तो अब भगवान शिव भी नाराज हो गए.

