Vishwakarma Puja 2022: भगवान विश्वकर्मा का जन्मोत्सव 17 सितम्बर को मनाया जाएगा। उस दिन कल-कारखानों और प्रतिष्ठानों में विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाएगी। वास्तु के 18 उपदेष्टाओं में विश्वकर्मा को प्रथम स्थान प्राप्त है। विष्णु पुराण के पहले अंश में विश्वकर्मा को देवताओं का वर्धक या देव बड़ाई कहा गया है। इन्हें शिल्पावतार कहा जाता है।
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Vishwakarma Puja 2022: देव शिल्पी हैं भगवान विश्वकर्मा, जानें महत्व
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में मां दुर्गा धरती पर आती हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। इस दौरान भक्त मां आदि शक्ति को प्रसन्न करने के लिए पूजा-पाठ व व्रत रखते हैं। नवरात्रि में अष्टमी व नवमी तिथि का विशेष महत्व होता है।
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इस साल अमावस्या तिथि 24 और 25 अक्टूबर दोनों दिन है। लेकिन 25 अक्टूबर को अमावस्या (Amavasya) तिथि पर प्रदोष काल पहले ही समाप्त हो जा रहा है। 24 अक्टूबर को प्रदोष काल में अमावस्या तिथि मौजूद रहेगी।
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Pitru Paksha 2022: पितृ पक्ष के दौरान भूलकर भी न करें ये कार्य
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYPitru Paksha 2022: भाद्रपद की पूर्णिमा और अश्विन मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को पितृ पक्ष (Pitru Paksha) कहा जाता है। ब्रह्म पुराण के मुताबिक मनुष्य को पूर्वजों की पूजा करनी चाहिए और उनका तर्पण करना चाहिए। पितरों का ऋण श्राद्ध के जरिए चुकाया जा सकता है।
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Pitru paksha 2022: कहां और कैसे करें श्राद्ध, इन नियमों का पालन
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYपूर्णिमा का श्राद्ध कर्म भाद्र पद शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को ही किया जाता है पितृगण प्रसन्न होकर अपना शुभ आशीर्वाद एवं जीवन मे शुभ फल प्रदान करते है | परिवार में सुख शांति प्रदान करते है | जिस प्रकार पिता का कमाया हुआ धन पुत्र को प्राप्त हो जाता है उसी प्रकार पुत्र द्वारा श्राद्ध पक्ष में दिया हुआ अन्न-जल पिता को प्राप्त हो जाता है।
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Pitru Paksha 2022: पितरों का श्राद्ध करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYPitru Paksha 2022: पितृपक्ष (Pitru Paksha) में हम अपने पितरों को नियमित रूप से जल देते हैं। उनकी आत्मा की शांती के लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि पितृपक्ष (Pitru Paksha) में हमारे पितृ धरती पर आकर हमें आशीर्वाद देते हैं और जीवन में चल रही समस्याओं को दूर करते हैं। इसलिए पितृपक्ष (Pitru Paksha) में हम लोग अपने पितरों को याद करते हैं और उनकी याद में पिंडदान और दान धर्म के कार्यों का पालन करते हैं।
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Pitru Paksha 2022: 12 साल बाद बनने जा रहा है श्राद्ध पक्ष में ये अशुभ योग, जानिए…
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYहिंदू पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2022), भाद्रपद पूर्णिमा से अश्विन मास की अमावस्या (Amavasya) तक रहते हैं। इस बार श्राद्ध पक्ष 10 सितंबर से शनिवार 25 सितंबर रविवार तक रहेंगे। ज्योतिषाचार्य के अनुसार श्राद्ध (Shraddha) की तिथियों का घटना शुभ माना जाता है। लेकिन इन तिथियों का बढ़ना या पूरा होना शुभ नहीं होता।
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Pitru Paksha 2022: जानें इस बार कौन से श्राद्ध एक ही तिथि पर होंगे
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYPitru Paksha 2022: हिन्दू धर्म में वर्ष के सोलह दिनों को अपने पितृ (Pitru) या पूर्वजों को समर्पित किया गया है, जिसे पितृ पक्ष (Pitru Paksha) या श्राद्ध पक्ष (Shraddha Paksha) या कनागत कहते हैं। इस बार पितृ पक्ष 10 सितम्बर से आरम्भ होकर 25 सितम्बर तक रहेगा।
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On This Day the Deities Worship Goddess Lakshmi: इस दिन देवता करते हैं मां लक्ष्मी का पूजन
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYपरिवर्तिनी एकादशी (Ekadashi) को वामन एकादशी, जलझूलनी एकादशी, डोल ग्यारस और जयंती एकादशी आदि नामों से जाना जाता है। इस दिन व्रत, पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है। इस व्रत में पूरा दिन पूजा-पाठ में लगाएं। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करना श्रेष्ठ माना जाता है।
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Maha Lakshmi Vrat: आज से हो रहे प्रारंभ महालक्ष्मी व्रत, जानिए महत्व और व्रत कथा
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYभाद्रपद की शुक्ल अष्टमी के दिन से श्री महालक्ष्मी व्रत शुरू होता है। यह सोलह दिनों तक चलता है और इस व्रत में मां लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस व्रत का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महालक्ष्मी व्रत को रखने से मां लक्ष्मी की कृपा से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।

