जानें- शिवलिंग की महिमा और स्थापना के नियम मान्यता है कि धरती पर साक्षात रूप में अगर कोई भगवन मौजूद हैं तो वो भगवान शिव हैं. भोलनाथ को भोले यूं…
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Kaanch Ki Chudiya: जानिए, स्त्रियों को क्यों पहननी चाहिए कांच की चूड़ियां, क्या कहता है शास्त्र
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYKaanch Ki Chudiya: शास्त्रों और हिंदू परंपराओं के वैज्ञानिक कारण भी बताए गए हैं. कई मान्यताओं में एक है चूड़ी पहनना. चूड़ी को हिंदू धर्म के सोलह श्रृंगार (Solah Shringar)…
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शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा की जाती है। अगर किसी व्यक्ति पर शनिदेव (shani dev) की ढैया या साढ़ेसाती हो तो उसे आज के दिन शनिदेव को प्रसन्न करने…
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हवन करते समय मंत्र के बाद क्यों कहते हैं स्वाहा? पढ़ें पौराणिक कथा
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYमां दुर्गा (Maa Durga) के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। इन दिनों में मंत्र जाप से अपने मनोकामनाओं की पूर्ति की जा सकती है। इस समय में पूजा…
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ब्रह्म मुहूर्त में गलती से भी न करें ये काम, हो सकता है…
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYजब भी कोई व्रत (vrat) या त्यौहार होता है तो उसकी तैयारियों के लिए हम सभी ब्रह्ममुहूर्त में उठते हैं। शास्त्रों में भी इस समय को बेहद ही महत्वपूर्ण माना…
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Shaligram Puja: घर में रखा है शालिग्राम तो इन नियमों का रखें ख्याल
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYशालिग्राम भगवान विष्णु का विग्रह रूप होता है। शालिग्राम करीब 33 प्रकार के है, जिनमें से 24 प्रकार के शालिग्राम (Shaligram) को भगवान विष्णु के 24 अवतारों से संबंधित माना जाता है। माना जाता है कि जिस घर में शालिग्राम होता है और विधिवत तरीके से पूजा अर्चना की जाती है। वहां पर कभी भी दुख दर्द वास नहीं करता है। लेकिन अगर शालिग्राम (Shaligram) संबंधी कुछ नियमों का पालन नहीं किया गया को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
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ऐसा, ज्योतिर्लिंग जिसके दर्शन मात्र से ही होती हैं हर मनोकामना पूरी
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYहिन्दू धर्म में पुराणों के अनुसार शिवजी जहाँ-जहाँ स्वयं प्रगट हुए उन बारह स्थानों पर स्थित शिवलिंगों को ज्योतिर्लिंगों के रूप में पूजा जाता है। ये संख्या में १२ है। इससे…
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भगवान शिव के आंसुओं से उत्पन्न हुए रुद्राक्ष को हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र और पूजनीय माना गया है। रुद्राक्ष (Rudraksh) दो शब्दों से बना है। जिसमें रूद्र का अर्थ है महादेव और अक्ष का अर्थ है आंसू। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी अध्यात्मिक कार्य में रुद्राक्ष का प्रयोग करने से सभी कार्य सफल हो जाते हैं और व्यक्ति पर महादेव की कृपा सदैव बनी रहती है।
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क्यों करने पड़े थे बाल ब्रह्मचारी हनुमान जी को विवाह, पौराणिक कथाएं
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYहिंदू शास्त्रों के अनुसार, पवनपुत्र हनुमान बाल ब्रह्मचारी थे। उन्होंने जीवन भर ब्रह्मचर्य धर्म का पालन किया और प्रभु श्री राम की सेवा की। लेकिन कई जगहों पर उनके विवाह…
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Basant Panchami 2026: कब मनाई जाएगी वसंत पंचमी, पढे़ं…
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYBasant Panchami 2026: पंचांग के अनुसार, हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन मुख्य रूप से ज्ञान,…

