साल 2023 में कई बड़े व्रत त्योहार पड़ने वाले हैं। जानिए साल 2023 में जनवरी से लेकर दिसंबर तक में कब कौन सा व्रत और त्योहार पड़ने वाले हैं।
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Calendar 2023: जनवरी से दिसंबर माह तक पड़ रहे हैं कौन-कौन से व्रत त्योहार, लिस्ट
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEY -
एकादशी (Ekadashi) को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) कहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन एकादशी माता का जन्म हुआ था, इसलिए इसे उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन माता एकादशी ने मुर नामक राक्षस का अंत किया था।
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भगवान विष्णु आषाढ़ शुक्ल एकादशी को चार माह के लिए सो जाते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं। श्रीहरि विष्णु इसी दिन राजा बलि के राज्य से चातुर्मास का विश्राम पूरा करके बैकुंठ धाम को लौटे थे। इस एकादशी को कई नामों से जाना जाता है। जैसे देवोत्थान एकादशी, देवउठनी ग्यारस, प्रबोधिनी एकादशी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-आराधना से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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कार्तिक मास का हिंदू धर्म में खास महत्व है। इस महीने कई व्रत एवं त्योहार आते हैं। जिसमें दिवाली के बाद आने वाली आंवला नवमी व्रत (Amla Navami Vrat) का विशेष महत्व है। आंवला नवमी (Amla Navami) कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाई जाती है। इस खास दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। स्वस्थ रहने की कामना के साथ आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है।
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Chhath Puja 2022: खरना, जानें सूर्योदय- सूर्यास्त का समय और शुभ मुहूर्त
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYमाता महालक्ष्मी के प्रिय दिन शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय छठ व्रत शुरू हो गया। इसका समापन सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा। व्रति शनिवार को खरना का व्रत करेंगे। जबकि रविवार को प्रथम व सोमवार को द्वितीय अर्घ्य देकर पारण कर सूर्योपासना का चार दिवसीय अनुष्ठान संपन्न करेंगे।
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Chhath Puja 2022: छठ पूजा में ध्यान रखें इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियम
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYछठ पर्व की तैयारियां शुरू हो चुकि हैं। चार दिवसीय इस पर्व में व्रती महिलाएं 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास रखती हैं। बता दें कि छठ पर्व की शुरुआत शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन नहाय खाय के साथ हो जाती है। इन चार दिनों में व्रती महिलाएं कई प्रकार के नियमों का पालन करती हैं। इस पर्व को इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि इस दिन अस्त होते सूर्य की पूजा की जाती है।
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धनतेरस (Dhanteras) पर सोना-चांदी, बर्तन व नई चीजों को खरीदने की परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन बर्तन को खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है। शास्त्रों में धनतेरस के दिन कुछ उपायों को करना अति लाभकारी माना गया है।
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Yama Deepam 2022: धनतेरस से एक दिन पहले यम दीपक जलाने का शुभ योग, जानिए…
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYधनतेरस के दिन शाम को मां लक्ष्मी, कुबेर भगवान की पूजा करने के साथ यमराज की पूजा करने का विधान है। इस दिन शाम के समय दक्षिण दिशा में एक चौमुखा दीपक जलाया जाता है जिसे यम दीपक कहते हैं। इस साथ त्रयोदशी तिथि दो दिन होने के कारण यमदीपक 22 अक्टूबर को जलाया जाएगा और धनतेरस 23 अक्टूबर को मनाई जाएगी।
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समुद्र मंथन के समय धन्वंतरी वैद्य अमृत कलश लेकर समुद्र से प्रकट हुए थे। आरोग्य की प्राप्ति और उत्तम स्वास्थ्य के लिए धन्वंतरी जयंती पर धन्वंतरी पूजन एवं यज्ञ-हवन करना चाहिए। हमारे शास्त्रों में जीवेम शरद: शतम् अर्थात हम स्वस्थ रहते हुए सौ साल की आयु तक जीवित रहें, ऐसी कामना की गई है।
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दीपावली (DIWALI) 24 अक्टूबर दिन सोमवार को मनाया जाएगा। सोमवार को 5:27 पर अमावस्या आएगी जबकि सूर्यास्त 5:39 पर होगा। अर्थात दीपोत्सव के समय दीपावली (DIWALI) का उत्तम मुहूर्त रहेगा। 25 अक्टूबर दिन मंगलवार को सूर्य ग्रहण पड़ रहा है

