Dussehra Puja 2026: विजयदशमी (Vijayadashami 2026) का त्योहार प्रत्येक वर्ष आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा या विजयदशमी मनाई जाती है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान राम ने रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई की जीत स्थापित की थी। क्या आप जानते हैं कि रणभूमि में जाने से पहले भगवान राम में किस देवी की पूजा की थी।
भगवान राम ने इसलिए की थी पूजा (Vijayadashami 2026)
विजयादशमी के दिन देवी अपराजिता की पूजा का विधान है। अपराजिता पूजा करने का सबसे अच्छा समय अपराहण (अपराह्न) का समय माना गया है। पौराणिक मान्याओं के अनुसार विजयादशमी के दिन भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्ति के लिए लंका प्रस्थान से पहले देवी अपराजिता की पूजा की थी। तभी से विजय प्राप्ति के लिए देवी अपराजिता की पूजा की जाती है। साथ ही किसी महत्वपूर्ण यात्रा पर जाने से भी मां अपराजिता की पूजा की जाती है।
इस विधि से करें देवी पूजन (Aparajita Puja Vidhi)
दशहरा वाले दिन पूजा के दौरान माता को धूप, दीप, नैवेद्य, अक्षत आदि अर्पित करें। पूजा के दौरान ओम अपराजितायै नम: मंत्र 108 बार का जाप करें। अंत में घी का दीपक जलाकर देवी अपराजिता की आरती करें।
डिसक्लेमर: ‘इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें।

