GSVM Medical College News : लंबे समय तक तेज आवाज में ईयरबड्स या ईयरफोन लगाने से लोगों की सुनने की क्षमता प्रभावित हो रही है, पिछले 10 साल से लगातार ईयरबड्स इस्तेमाल करने वालों में अब कई प्रकार की परेशानियां देखने को मिल रही हैं।
तेज आवाज का असर न सिर्फ कान की अंदरूनी संरचना और सुनने वाली नसों पर पड़ रहा है। बल्कि कान आवाज सुनने के बाद उसे समझने में परेशानी भी लोगों को हो रही है। इसके अलावा बीते दो साल में एलर्जिक राइनाइटिस के साथ नाक में मस्से और नेजल पॉलिपोसिस के मामले भी बढ़ रहे हैं। यह जानकारी SGPGI लखनऊ से आए डॉ.अमित केसरी ने दी।
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GSVM मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को पहली बार यूपीएओआईकॉन 2026 का आयोजन किया गया, जिसके प्रथम दिन कैडेवरिक टेम्पोरल बोन व फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य ईएनटी के रेजिडेंट डॉक्टरों व युवा सर्जनों को कान और नाक की सर्जरी की आधुनिक तकनीकों का प्रत्यक्ष व व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना रहा।
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कैडेवरिक टेम्पोरल बोन वर्कशॉप में बेंगलुरु से आए वरिष्ठ ENT सर्जन डॉ. विनय विजेंद्र ने 10 कैडेवर पर प्रतिभागियों को कान की सर्जरी से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण सर्जिकल तकनीकों का प्रत्यक्ष अभ्यास कराया। एसजीपीजीआई लखनऊ के प्रोफेसर व हेड, डिपार्टमेंट ऑफ हेड एंड नेक सर्जरी
डॉ.अमित केसरी ने एफईएसएस वर्कशॉप में नाक व साइनस की एंडोस्कोपिक सर्जरी के विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया। बताया कि इस प्रकार के कैडेवरिक हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण से रेजिडेंट्स व युवा सर्जनों को वास्तविक मरीजों पर सर्जरी करने से पूर्व शारीरिक संरचनाओं, सर्जिकल एप्रोच व तकनीकी बारीकियों को प्रत्यक्ष रूप से समझने और अभ्यास करने का अवसर मिलता है।
प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप में लगभग 100 डेलीगेट्स ने सहभागिता की। कोर्स के कोर्स डायरेक्टर डॉ.रोहित मल्होत्रा, एफईएसएस कोर्स के कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. राजन भार्गव व डॉ.राजीव चक्रांशी ने रेजिडेंट डॉक्टरों व युवा सर्जनों के लिए इस प्रकार के व्यावहारिक और कौशल आधारित प्रशिक्षण के महत्व पर जानकारी दी। साथ ही सम्मान समारोह भी हुआ।
इस दौरान जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो.संजय काला, उप प्राचार्य प्रो.रिचा गिरी, हैलट अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ.सौरभ अग्रवाल, ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.हरेंद्र कुमार, डॉ. सुनीति पांडे, डॉ.हरियम गौतम, सह-आयोजन अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ.एसके कनौजिया, डॉ.अमृता श्रीवास्तव, डॉ.निधि गुप्ता, डॉ.आस्था, डॉ. ऋचिका, डॉ.काजी, डॉ.भविष्य, एनाटॉमी विभाग से डॉ.निधि व डॉ. अल्का समेत कार्यशाला में फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट्स, ईएनटी व एनाटॉमी विभाग की टीम रही।

