KANPUR BIG NEWS : खाद्य आयुक्त के शहर में छापेमारी से हड़कंप मच गया। सालों से अग्रवाल ब्रदर्स नशे का कारोबार कर रहे थे। इसके बावजूद शहर के अफसरों को भनक तक नहीं लगी।
आयुक्त औचक निरीक्षण, भारी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप एवं ट्रामाडोल टैबलेट्स बरामद
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इसलिए सर्किट हाउस आने के बाद शहर की टीम को आयुक्त ने जानकारी दी। इससे उनके भी हाथ पांव फूल गए। हिमाचल की लेबोरेट कंपनी से अग्रवाल ब्रदर्स ने नशे के सिरप को खरीदा था।
वह लेबोरेट कंपनी का बड़ा डीलर है। उनके खिलाफ लखनऊ से भी काफी सबूत मिले हैं। इसके लिए आयुक्त को खुद आकर छापेमारी करनी पड़ी। जिसमें बड़े पैमाने पर गोरखधंधे का खुलासा हुआ है। इससे शहर में चल रही कार्रवाई पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो रहा है। आखिरकार शहर के अफसर क्यों नहीं नशे के सौदागरों को पकड़ पा रहे थे।
इस दौरान साथ में औषधि निरीक्षक रेखा व औषधि निरीक्षक ओमपाल साथ ही करीब सात औषधि निरीक्षक भी टीम के साथ थे। लेकिन डॉ.रोशन जैकब ने खुद औषधि गोदाम और होलसेल डीलरशिप की जांच की और एक-एक दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की।
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खाद्य आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि कानपुर में बड़े पैमाने पर नशे के सिरप और दवाओं का कारोबार हो रहा है। इसके सबूत हिमाचल, लखनऊ से मिले थे। इसके बावजूद कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए लखनऊ की चार टीमें लेकर छापेमारी की। बड़े पैमाने पर कोडीन युक्त सिरप, ट्रामाडोल टैबलेट्स व एक्सपायर दवा बरामद हुई है। शहर के अफसरों की भूमिका संदिग्ध है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।
तीन-तीन फर्म के जरिए नशे का कारोबार
अग्रवाल ब्रदर्स का मालिक विनोद अग्रवाल नशे के कारोबार का बड़ा खिलाड़ी है। पहले वह अकेले काम करता था। फिर उसने अपने बेटे शिवम अग्रवाल को भी साझेदार बनाया। इतना ही नहीं बेटे शिवम की मेडिसिना एक अलग फर्म भी बनवादी।
जिसमें उसका दोस्त अनमोल गुप्ता साझेदार भी है। वेदांश फर्म अनमोल गुप्ता की है। तीन फर्मों के जरिए नशे का कारोबार हो रहा था। मौके पर अनमोल ने अफसरों को बताया कि वह सिर्फ एक साल से कारोबार कर रहा है।
पूरे यूपी से लेकर नेपाल तक सप्लाई
अग्रवाल ब्रदर्स ने नशे का कारोबार बड़े पैमाने पर फैला रखा है। हिमाचल से माल मंगाकर गाजियाबाद, लखनऊ से लेकर कोपरगंज के गोदाम में रखता था। लेबोरेट कंपनी से उसने कप सिरप को मंगाया। फिर उनको यूपी 90 हजार बोतल नशे में प्रयोग होने वाले कफ सिरप को मंगाया। अलग-अलग जगहों पर अन्य खेप के साथ बेचा है। इसकी पुष्टि हिमाचल से बिक्री करने वाली कंपनी के जरिए ड्रग विभाग को मिली है। नशीले दवाओं की सप्लाई नेपाल तक की जा रही है।
नारकोटिक्स का लाइसेंस निरस्त
मौके पर टीम को कई ब्रांड की कोडीन सिरप के साथ ही न्यूट्रास्यूटिकल पौष्टिक – औषधीय समेत कई दवाएं एक्सपायर मिली है। खाद्य आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के मुताबिक अब अग्रवाल ब्रदर्स के सभी लाइसेंस निरस्त होंगे। अभी नारकोटिक्स का लाइसेंस निरस्त किया गया है। अब रिपोर्ट के साथ सभी लाइसेंस को निरस्त किया जाएगा। जिससे अग्रवाल ब्रदर्स के पूरे गिरोह का पर्दाफॉश हो सके। फिलहाल पिता-पुत्र फरार हो गए हैं।
जिले के अफसरों की भूमिका संदिग्ध
मौके पर जांच पड़ताल करने आई लखनऊ की टीम को कानपुर के ड्रग विभाग की भूमिका ठीक नहीं मिली है। उनकी भूमिका संदिग्ध मिली है। मौके पर जिस तरह से गोदाम में अव्यवस्था फैली थी उसे देखकर उसे पहले ही सील होना चाहिए था। फिर भी शहर के अफसरों ने कार्रवाई नहीं की। लाइसेंस निरस्त करने के नाम पर सिर्फ नारकोटिक्स का रद्द किया गया। शहर के अफसरों पर भी अब कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है।

