KANPUR BREAKING NEWS : एडवोकेट Akhilesh Dubey के कब्जे वाली करीब 500 करोड़ की जमीन खाली कराने के लिए KDA टीम भारी फोर्स के साथ साकेत नगर पहुंची।
टीम के साथ 5 बुलडोजर भी पहुंचे। इस दौरान कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) की टीम के साथ एसीपी नौबस्ता, बाबपुरवा के साथ पीएसी बल मौजूद रहा।
वहीं बुलडोजर देखकर मोहल्ले के लोग बाहर निकल आए और विरोध करने लगे। इस दौरान पुलिस से महिलाओं की झड़प भी हुई। लोगों का कहना है कि कोर्ट में मामला लंबित होने के बाद भी कार्रवाई की जा रही है। Akhilesh Dubey CASE
मंगलवार को केडीए के अधिकारी, किदवई नगर सहित 6 थानों की फोर्स, 2 प्लाटून पीएसी, 5 बुलडोजरों के साथ कब्जा ध्वस्त करने पहुंचे। किदवई नगर थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम ने बताया कि KDA की मांग पर फोर्स उपलब्ध कराई गई थी। जमीन को कब्जामुक्त करा दिया गया है।
बता दें कि एक साल पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केडीए की टीम करीब 4 बीघे की कब्जा की गई जमीन खाली कराने पहुंची थी, लेकिन अखिलेश दुबे के इशारे पर स्थानीय जनता ने भारी विरोध कर दिया था, जिस कारण टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा था।
एडवोकेट आशीष शुक्ला बोले….
एडवोकेट आशीष शुक्ला बोले- अखिलेश दुबे ने कई न्यायालयों में वाद दायर किए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी मुझे कब्जा दिलाने का प्रयास किया गया लेकिन अखिलेश दुबे और उनके गुर्गे की वजह से मुझे नहीं मिली। योगी सरकार आई और मुझे न्याय मिला।
41 साल बाद जमीन खाली
कानपुर विकास प्राधिकरण की ओर से जवाहर विद्या समिति को भूखंड संख्या 70 ब्लॉक व योजना जूही कला की रजिस्ट्री 1984 में की गई थी, तब से लेकर आज तक केडीए ने इस जमीन को जवाहर विद्या समिति को कब्जा नहीं कराया था। जिसके बाद आवंटी ने पूरे मामले की शिकायत उपभोक्ता फोरम में की जिसमें आवंटी के पक्ष में निर्णय सुनाया गया था।
फैसले के बाद भी केडीए ने आवंटी को कब्जा नहीं दिलाया, जिस पर आवंटी के द्वारा उपभोक्ता फोरम के आदेश का पालन ना कराने पर मामले को लेकर आवंटी ने पहले हाईकोर्ट और फिर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्ते के भीतर आवंटी को कब्जा दिलाने का आदेश दिया था।

