Kanpur Collectorate News : कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। जनता दर्शन में पहुंचा पीड़ित अपने साथ रिश्वत के रकम की चेक लेकर सीधे DM के सामने पहुंच गया और उन्हें वो चेक सहित अपना प्रार्थना पत्र दिया।
इसमें पीड़ित ने बताया कि एक कालोनी की रजिस्ट्री कराने के नाम पर KDA विशेष कार्याधिकारी जोन-3 (OSD) द्वारा 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामला केडीए का है तो इसको केडीए वीसी को रेफर कर दिया गया है, वो इस प्रकरण की जांच करेंगे ।
एक साल पहले रजिस्ट्री के लिए किया आवेदन
नीरज गुप्ता ने 7 जून 2024 को केडीए में मकान की रजिस्ट्री कराने के नाम पर एकल विंडो प्रक्रिया के तहत आवेदन किया था। इसके बाद उनका संपर्क OSD जोन-3 अजय कुमार से हुआ। उस समय अजय कुमार ने कहा कि हम पावर ऑफ एटार्नी नहीं मानते हैं। इसलिए आपकी रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी।
जबकि केडीए के विधि विभाग द्वारा विभागीय अधिवक्ता ने विधि राय में ये स्पष्ट किया था कि पावर ऑफ एटार्नी होल्डर नीरज गुप्ता के हक में निबंधन होने की कोई रुकावट प्रतीत नहीं होती हैं। आरोप है कि अजय कुमार रजिस्ट्री कराने के नाम पर 30 हजार रुपए की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर वह पिछले एक साल से लगातार दौड़ा रहे हैं।
जिलाधिकारी को सौंपी अजय के नाम की चेक
नीरज गुप्ता ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से मिलकर OSD के नाम से रिश्वत की 30 हजार की चेक सौंपी। इसके साथ ही एक प्रार्थना पत्र देते हुए गुहार लगाई की OSD को ये चेक देकर हमारे मकान की रजिस्ट्री कर दी जाए।
मेरे पास कोई फाइल नहीं आई
OSD अजय कुमार ने कहा कि मेरे पास नीरज गुप्ता के नाम से अभी तक कोई भी फाइल नहीं है, जो भी आरोप लगाए है वो निराधार हैं। मेरे संज्ञान में अभी ये मामला भी नहीं आया है।

