KANPUR COURT NEWS : जीजू ने सच में नहीं सपने में छेड़ा था, उसे भ्रम हो गया था और पिता ने नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। साली ने यह बयान कोर्ट में दिया। हालांकि पहले दिए गए बयान के चलते एयरफोर्स कर्मी को 19 दिन तक जेल में रहना पड़ा था। पूरा मामला कानपुर कोर्ट का है। KANPUR COURT NEWS
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नाबालिग साली से छेड़छाड़ का मुकदमा झेल रहे एयरफोर्स कर्मी को सात साल बाद शनिवार को विशेष न्यायाधीश ने बरी कर दिया है। वह भी उसी साली के बयान पर, जिसने जीजा पर सोते समय दबोचने, छेड़छाड़ करने और अस्मिता का हरण करने का आरोप लगाया था। साली ने कोर्ट में बयान दिया कि जीजू ने सच में नहीं सपने में छेड़ा था। हालांकि पहले दिए गए बयान के चलते एयरफोर्स कर्मी को 19 दिन तक जेल में रहना पड़ा था।
पढें क्या हुआ था
कानपुर के बिठूर निवासी एयरफोर्स कर्मी का विवाह 10 फरवरी 2019 को बिधनू की युवती से हुआ था। 13 फरवरी को एयरफोर्स कर्मी चौथी में पत्नी को लेने ससुराल गया तो 15 वर्षीय साली भी साथ आ गई। दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक 8 मार्च की रात 9 बजे किशोरी जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उसकी बड़ी बहन कमरे में पहुंची तो किशोरी ने आरोप लगाया कि जीजा ने छेड़छाड़ की। इस पर बड़ी बहन ने पुलिस को बुलाया। आरोप है कि एयरफोर्स कर्मी पिता के साथ फरार हो गया। इस घटना की रिपोर्ट पिता की तहरीर पर नौबस्ता थाने में करीब पांच माह बाद दर्ज की गई थी। मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि पीड़िता ने कोर्ट में बयान दिया-उससे छेड़छाड़ सपने में हुई थी। पीड़िता के पिता और बड़ी बहन ने भी भ्रमवश मुकदमा दर्ज कराने की बात कोर्ट में स्वीकार की। इसके बाद न्यायालय ने एयरफोर्स कर्मी को बरी कर दिया। वह वर्तमान में पुणे में कारपोरल पद पर तैनात हैं।
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सपने में महसूस हुआ कि जीजू ने पकड़ लिया’
कोर्ट में पीड़िता ने दिसंबर 2021 में बयान दर्ज कराए थे। उसने कहा था कि ‘उस दिन रात के नौ बजे थे। मैं एंटीबायोटिक दवा लेकर सो रही थी। सपने में ऐसा महसूस हुआ कि जीजू ने मुझे पकड़ लिया है…। मैंने फिर शोर मचा दिया। मेरी दीदी आ गई और मैं अस्पताल चली गई। यह सपना था, सच में ऐसा नहीं था।
एयरफोर्स कर्मी के अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की कोर्ट में 13 नवंबर 2019 को एयरफोर्स कर्मी पर आरोप तय किए गए। ये आरोप चार बिंदुओं पर तय हुए थे। पहला पीड़िता के साथ मारपीट करने, दूसरा उसे बदनाम करने, तीसरा उसके साथ छेड़छाड़ करने और चौथा पीड़िता के साथ लैंगिक हमला करने का था।
जीजा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था
3 अगस्त, 2019 को रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने 29 सितंबर, 2019 को जीजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 19 दिन जेल में रहने के बाद 17 अक्टूबर को उसको जमानत मिली थी।
इस बीच 6 अक्टूबर, 2019 को नौबस्ता थाने में तैनात दरोगा ने पीड़िता के बयानों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की थी। जीजा अनुराग के वकील करीम अहमद ने बताया कि विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की कोर्ट में 13 नवंबर, 2019 को एयरफोर्स कर्मी पर आरोप तय किए गए थे।
ये आरोप 4 बिंदुओं पर तय हुए थे। पहला- पीड़िता के साथ मारपीट करने, दूसरा- उसे बदनाम करने, तीसरा- उसके साथ छेड़छाड़ करने और चौथा- पीड़िता के साथ लैंगिक हमला करने का था।
अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि पीड़िता ने कोर्ट में बयान दिया है कि उससे छेड़छाड़ सपने में हुई थी, सच में नहीं। लड़की के पिता और बड़ी बहन ने भी भ्रमवश मुकदमा दर्ज कराने की बात कोर्ट में स्वीकार की। इसके बाद कोर्ट ने शनिवार को एयरफोर्स कर्मी को बरी कर दिया।
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