Kanpur Kidney Racket Case: कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट मामले की मुख्य रोगी पारुल तोमर और डोनर आयुष चौधरी (Kidney donor Ayush) को बेहतर इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान , लखनऊ रेफर कर दिया गया है। GSVM मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने संसाधनों की कमी और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यह फैसला लिया है।
एसीएमओ डा. रमित रस्तोगी ने बताया कि अहूजा हॉस्पिटल और प्रिया हॉस्पिटल के लाइसेंस को सस्पेंड, नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा गया है।
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GSVM मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य Dr. Sanjay Kala ने बताया कि इलाज के बाद पारुल की प्रत्यारोपित किडनी ने धीरे-धीरे काम करना शुरू कर दिया है। किडनी के फिल्टर करने की प्रक्रिया शुरू होने से सीरम क्रेटेनिन के स्तर में कमी आई है। Kanpur Kidney Case
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प्रिंसिपल डॉ. संजय काला ने बताया- हमने बुधवार को दोनों मरीजों के बेहतर इलाज के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (KGMC), संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट (SGPGI) और राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल (RMLH) Lucknow में भर्ती के लिए पत्र लिखा था। बुधवार देर रात RMLH के डायरेक्टर ने मरीजों को एडमिट करने की मंजूरी दे दी। इसके बाद उन्हें लखनऊ रैफर कर दिया गया।
हालांकि, हमारे यहां दोनों की सेहत में सुधार हो रहा था, लेकिन बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए उन्हें लखनऊ भेजा गया है। पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी गई है। एम्बुलेंस में दो डॉक्टर, एक नर्स और एक वार्ड बॉय मौजूद थे। इसके अलावा सीनियर डॉक्टर नेफ्रोलॉजी, सीनियर डॉक्टर न्यूरोलॉजी और सीनियर डॉक्टर NSS भी साथ थे, ताकि यात्रा के दौरान दोनों मरीजों को कोई परेशानी न हो।

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कोई भी मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है
सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि अवैध ऑपरेशन के दौरान रोगी को क्या दवाएं दी गईं और क्या प्रक्रिया अपनाई गई, इसका कोई भी मेडिकल रिकॉर्ड (अभिलेख) उपलब्ध नहीं है। अब तक दोनों का इलाज हैलट के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के पोस्ट-ऑपरेटिव आइसोलेशन कक्ष में चल रहा था। पारुल तोमर (43) गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर गोविल की देखरेख में भर्ती थीं।
किडनी रिजेक्शन की चिंता भी
डोनर आयुष चौधरी (24): को यूरो सर्जन डॉ. अनिल जे. वैद्य की निगरानी में रखा गया था। आयुष की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने अंदेशा जताया था कि यह प्रत्यारोपण अनधिकृत तरीके से और बिना उचित मिलान के किया गया है। इसलिए भविष्य में ‘किडनी रिजेक्शन’ की प्रबल संभावना है।
आहूजा और प्रिया हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द
स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए गुरुवार को अहूजा हॉस्पिटल और प्रिया हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द लाइसेंस सस्पेंड कर नोटिस दिया गया है। एक दिन पहले ही मेड लाइफ हॉस्पिटल को सील किया जा चुका था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कानपुर के कई बड़े अस्पतालों को पुलिस ने भी नोटिस भेजा है। एसीएमओ डा. रमित रस्तोगी बताया कि अहूजा हॉस्पिटल और प्रिया हॉस्पिटल के लाइसेंस को सस्पेंड कर सात दिनों में जवाब मांगा गया है।

