KANPUR MORNING NEWS : Lala Lajpat Rai Hospital (हैलट) में नर्स और वार्ड बॉय मरीज को विगो नहीं लगा पाए। परिजनों ने जब देखा, तो उनको टोका। काफी देर तक इलाज न मिलने पर मरीज की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। अब इस पूरे मामले में अस्पताल के प्रबंधन का जवाब आया है। KANPUR NEWS
अधिवक्ता अखिलेश दुबे के काले कारनामों का चिट्ठा लगातार बढता जा रहा
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉक्टर संजय काला (Principal of Medical College Dr. Sanjay Kala) ने बताया कि अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक परिजन मरीज कुलदीप को 10 अगस्त की रात 11:10 बजे अत्यंत गंभीर स्थिति में इमरजेंसी वार्ड में लाए थे। gsvm news
रीजेंसी हॉस्पिटल के दो डॉक्टरों के खिलाफ जांच, 17 दिन के अंदर साढ़े 18 लाख रुपए लिए
सर्वे में पता चला 2163 मृतकों के खाते में जा रहा वृद्धा पेंशन
जांच के दौरान जानकारी हुई कि मरीज 15 वर्षों से लिवर की समस्या से जूझ रहा था। वार्ड में जब वह पहुंचा तब
उसका लिवर पूरी तरह से फेल हो चुका था। शरीर पर सूजन और पेट में पानी भरा था। जिसका असर दिमाग पर पड़ने की वजह से वह अर्धबेहोशी की स्थिति में था। इमरजेंसी में इलाज के बाद हालत स्थिर होने पर उसे वार्ड में शिफ्ट किया गया। वार्ड में भी इलाज दिया गया, लेकिन अचानक स्थिति खराब होने लगी, जिसका कारण हार्ट अटैक था। मरीज का बीपी गिरा और मृत्यु हो गई। प्रिंसिपल के मुताबिक वीगो न लगाए जाने संबंधी आरोप असत्य हैं। वायरल वीडियो में भी उसके हाथ में वीगो लगा दिख रहा है। जिससे दवाएं व आईवी फ्ल्यूड दिया जा रहा है। मौत में मेडिकल स्टाफ की कोई लापरवाही नहीं रही है।

