KANPUR NEWS : आईजीआरएस की लगातार खराब रैंकिंग को लेकर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह खासे नाराज हैं।
डीएम ने छह लापरवाह अफसरों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में जवाब देने का आदेश दिया है। अगर रिपोर्ट संतोषजनक नहीं है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। डीएम ने कहा कि आईजीआरएस.शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
KANPUR IGRS RANK :मई में सात अंक और नीचे गिरते हुए आईजीआरएस रैंक 68
कानपुर नगर को 68वां स्थान
IGRS में जिले की रैंकिंग में सुधार नहीं हो रहा है। जिलास्तरीय अधिकारियों की लापरवाही उनकी मेहनत पर पानी फेर रही है। वहीं, चारों तहसील में आने वाली शिकायतों का भी सही तरह से निस्तारण नहीं किया जा रहा है। जिस कारण सीएम कार्यालय से लिए फीडबैक में 4539 फरियादी कार्रवाई से असंतुष्ट मिले हैं। इस कारण आईजीआरएस रैकिंग के मई माह में कानपुर नगर को 68वां स्थान मिला है।
निगेटिव फीडबैक पर सख्त रूख
डीएम ने निगेटिव फीडबैक पर सख्त रूख अपनाते हुए कहा कि यह कर्तव्य निर्वहन में स्पष्ट उदासीनता का द्योतक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह दर्शाता है कि संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा गंभीरतापूर्वक और गुणवत्तापरक ढंग से शिकायतों का निस्तारण नहीं किया गया है, अथवा उनके पर्यवेक्षणीय दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन नहीं किया गया है। इस गंभीर चूक के परिणामस्वरूप, जनपद की रैंकिंग प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुई है, जिससे जिले की प्रशासनिक छवि को भी गहरा आघात पहुंचा है।
अफसरों ने फिर किया ‘गुड़-गोबर’, आईजीआरएस रैंक बीस अंक लुढकी
सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों का दायित्व निर्धारण कर नियमानुसार आवश्यक एवं कठोर कार्यवाही सुनिश्चित करें। सभी विभागों को 09 जून तक की समय-सीमा दी गई है, जिसके भीतर की गई कार्यवाही से अवगत कराना अनिवार्य होगा।
इनको जारी किया नोटिस
जिन अधिकारियों को विशेष रूप से पत्र प्रेषित किए गए हैं, उनमें SDM SADAR रितुप्रिया , आर.एल. पटेल (सहायक श्रमायुक्त), अरुण कुमार DIOS, रितेश सिंह (तहसीलदार-सदर), अनूप मिश्रा (अधिशाषी अभियंता-प्रांतीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग), , आनन्द त्रिपाठी (महाप्रबन्धक जल कल), और नगर निगम शामिल हैं।
लगातार गिर रही है रैंक
आईजीआरएस रैंकिंग में जिले का प्रदर्शन काफी निराशाजनक है। मार्च माह में जिले को 41वीं रैंक मिली थी। अप्रैल माह में जिले की रैंक 61 थी। मई माह में जिले में 10,943 शिकायतें अलग-अलग विभागों की आईं। इनके निस्तारण में कुल 140 में 103 अंक मिले हैं।
प्राप्तांक प्रतिशत 73.57 रहा। सीएम कार्यालय से 7,768 शिकायतों में फीडबैक लिए गए। इनमें 4,539 लोगों का असंतोषजनक फीडबैक रहा। 3229 ने ही कार्रवाई से संतोष जताया। चारों तहसील बिल्हौर, सदर, घाटमपुर व नर्वल में भी अफसर लचर तरीके से काम कर रहे हैं। जिसकी वजह की जिले की रैकिंग लगातार खराब होती जा रही है।

