KANPUR NEWS : सदर तहसील ग्राम मवइया के रहने वाले सुरेश कुमार को 2018 में खतौनी के कागजों में प्रशासन ने मृत घोषित कर दिया। बीते सात साल से सुरेश कुमार अपने जिंदा होने का प्रमाण लिए अफसरों की चौखट पर सिर पटकते रहे। कुछ दिन पहले कलेक्ट्रेट पहुंचे सुरेश कुमार ने अपनी व्यथा डीएम को बताई। KANPUR BIG NEWS
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डीएम ने पूरे मामले की जांच एसीएम सात को सौंपी गई। जांच में सरकारी कर्मचारी की लापरवाही सामने आई। रिपोर्ट में एसीएम 7 ने 2018 के आदेश को निरस्त किए जाने की संस्तुति की है।
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डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह (DM Jitendra Pratap Singh) ने बताया कि यह गंभीर लापरवाही है। इसकी जांच की जाएगी और लापरवाह पर कार्रवाई।
पूरा मामला क्या है ?
एक्टर पंकज त्रिपाठी (Actor Pankaj Tripathi) की फिल्म आई थी कागज। फिल्म में पकंज त्रिपाठी अपने जिंदा होने का प्रमाण सबको देते हैं, लेकिन कोई नहीं मानता क्योंकि उनके गांव का लेखपाल उन्हें कागज में मृत घोषित कर चुका होता है। बिलकुल ऐसा ही मामला सदर तहसील के थाना चकेरी के ग्राम मवइया का है।
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सुरेश कुमार उर्फ सुरेश चन्द्र पुत्र स्व मोहन लाल ने बताया कि भतीजे दयाशंकर ने तहसील में गलत तथ्यों और गवाहों के आधार पर कागज में मुझे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन अफसर ने भी किसी ठोस कागज या मृत प्रमाणपत्र के उन्हें 2018 में खतौनी में मृत घोषित कर दिया। सुरेश ने बताया कि मेरे हिस्से की जमीन दयाशंकर के नाम दर्ज किये जाने को 2/07/2018 को ही अमल दरामद परवाना जारी कर दिया तथा राजस्व अभिलेखों में दयाशंकर का नाम अंकित हो गया। दयाशंकर ने उसमें से लगभग 40 लाख रुपये की जमीन बेचकर पैसा ले लिया।
सुरेश ने बताया कि तहसील तथा पुलिस अधिकारियों को कई प्रार्थना पत्र दिये पर कोई सुनवाई नहीं हुई। पूर्व में तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया जिस पर क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा अपनी रिपोर्ट में फर्जीवाड़े को सही तो माना लेकिन रिलीफ देने के बजाये सिविल न्यायालय जाने की सलाह दी।
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जांच में क्या मिला
ACM सात ने जब पूरे मामले की जांच की तो पता चला कि उक्त शिकायतकर्ता सुरेश कुमार ही जिसे खतौनी में मृत घोषित किया गया है। उन्होंने इस संबंध में मवइया के कुछ लोगों से बात की और जानकारी एकत्र की। मालूम चला कि सुरेश कुछ साल पहले पंजाब रोजगार के लिए गया था।
रिपोर्ट में क्या लिखा
एसीएम सात ने जांच में लिखा है कि सुरेश कुमार जिंदा है और खतौनी में दयाशंकर पुत्र रमेश चन्द्र निवासी ग्राम मवइया का नाम बतौर वारिस अनुचित गलत दर्ज किया गया है। खतौनी में दर्ज मृतक सुरेश चन्द्र जीवित है। शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य सुरेश कुमार के नाम से है। सुरेश कुमार उर्फ सुरेश चन्द्र दोनों एक ही व्यक्ति है। उन्होंने तहसीलदार के 2018 के आदेश को निरस्त किए जाने की संस्तुति की है।

