KANPUR NEWS: दिल्ली से कानपुर आ रही आम्रपाली एक्सप्रेस (Amrapali Express) में बम होने की सूचना पर अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन को कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर रोका गया। KANPUR NEWS
KANPUR NEWS : दो दुकानों की खरीद-बिक्री पर रोक
पुलिस कमिश्नरेट, जीआरपी, बम निरोधक दस्ता और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। करीब 40 मिनट तक पूरी ट्रेन की चेकिंग की गई। हालांकि कोई विस्फोटक नहीं मिला।
जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया। पुलिस ने उन दो भाइयों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कंट्रोल रूम को ट्रेन में बम होने की सूचना दी थी।
GRP इंस्पेक्टर ने बताया कि किन दोनों भाइयों में दीपक ज्यादा शातिर हैं। वह पहले भी इस तरह की अफवाह फैलाने को लेकर बदनाम रहा है। अभी तक की जांच में किसी भी तरह की क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं निकली है। मामले में अब दोनों भाइयों से एटीएस कानपुर भी पूछताछ कर रही है।
KANPUR BIG NEWS : नशे का कारोबार कर रहे चार दवा दुकानों की बिक्री पर रोक
सांसद और अभिनेता रवि किशन बोले
दोनों ने बताया-
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दोनों ने बताया- ट्रेन फुल थी। जनरल बोगी में उन्हें सीट नहीं मिल रही थी। इसलिए ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना दी। अब ATS (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) भी दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अफवाह फैलाने के पीछे के मकसद की भी जांच की जा रही है।
रात 11 बजे कॉल कर कहा-
ट्रेन में 12 आतंकी घुस आए हैं इंस्पेक्टर जीआरपी ओम नारायण सिंह ने बताया- गुरुवार रात करीब 11 बजे रेलवे इंक्वायरी नंबर 139 पर सूचना आई। फोन करने वाले ने कहा- आम्रपाली एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 15708) की जनरल बोगी में काले कपड़े पहने हुए 12 आतंकी घुस आए हैं। आतंकियों ने बोगी में बम लगा दिया है।
कंट्रोल रूम से सूचना कानपुर जीआरपी और पुलिस कमिश्नर को दी गई। इसके बाद एसीपी कैंट आकांक्षा पांडे, GRP इंस्पेक्टर ओम नारायण सिंह, एलआईयू, सर्विलांस टीम मौके पर पहुंची। रात करीब 12 बजे आम्रपाली एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर आठ पर पहुंची।
इस दौरान कानपुर जीआरपी और कंट्रोल रूम से लोग लगातार फोन करने वाले युवक के संपर्क में बने रहे। मगर जब ट्रेन स्टेशन पर पहुंची तो कॉल करने वाले ने फोन बंद कर लिया। हालांकि पुलिस ने ट्रेन की हर हिस्स को खंगाला। लोगों से पूछताछ की। जनरल बोगी में मौजूद लोगों से पूछताछ की।
40 मिनट तक 3 बार ट्रेन की जांच हुई, कुछ नहीं मिला करीब 40 मिनट तक पुलिस ने ट्रेन की तीन बार जांच की। जब ट्रेन में कुछ नहीं मिला तो उसे रवाना कर दिया गया। इधर जिस नंबर से कॉल आई थी उसे सर्विलांस पर लगा दिया गया। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे जिस नंबर एक्टिव हुआ। लोकेशन को ट्रेस करते हुए पुलिस कानपुर के फेथफुलगंज पहुंची।
यहां से शुक्रवार दोपहर करीब 2.30 बजे दो लोगों को अरेस्ट कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने नाम दीपक चौहान और अंकित चौहान बताया। वह दोनों सगे भाई हैं और घाटमपुर में रहते हैं।
17 अक्तूबर प्रातः 6:30 पर ग्रीन पार्क में सांसद रमेश अवस्थी करेंगे वॉकथान का शुभारंभ
सेल्वा कुमारी जे, राजशेखर समेत 35 UP IAS को बिहार भेजा
आरोपी दीपक ने बताया कि…
मैं चंडीगढ़ में एक कंपनी में मजदूरी का काम करता हूं। जबकि मेरा छोटा भाई अंकित जयपुर में लकड़ी में पेंट करने का काम करता है। हम दोनों भाई दिल्ली से ट्रेन में सवार हुए थे। जनरल बोगी में भीड़ अधिक थी। सीट मिल नहीं रही थी। इटावा में तीन लोगों से सीट को लेकर झगड़ा हो गया।
ट्रेन के रुकते ही दोनों भाई फोन बंद कर उतर गए दीपक ने बताया कि झगड़े के बाद मैंने कंट्रोल रूम को फोन कर दिया। मुझे लगा कि शायद सीट मिल जाएगी। जब कानपुर में ट्रेन रुकी तो फोर्स देखकर मैं डर गया और अपना मोबाइल बंद कर लिया। इसके बाद मैं ट्रेन से उतरा और स्टेशन के पास ही फेथफुलगंज में हम दोनों छिप गए। सोचा था कि सुबह हम लोग अपने घर चले जाएंगे। जैसे ही हमने फोन ऑन किया तो पकड़े गए।

