KANPUR SHOCKING NEWS अगर आप नया आलू खरीद रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। नए आलू के नाम पर धड़ल्ले से जहरीला आलू बिक रहा। बाजारों में ऐसे आलू करीब 50 रुपए किलो के रेट पर मिल रहा है।
सिंथेटिक आयरन ऑक्साइड से लाल रंगे 11200 किलो आलू सीज
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मतलब 30 रुपए किलो का आलू 20 रुपए मुनाफे पर बेचा जा रहा है। मंडी में रंगे आलू की बिक्री काफी हो रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग को निरीक्षण में सिंथेटिक आयरन ऑक्साइड (synthetic iron oxide) के काफी खाली पैकेट मिले हैं।
इस ऑक्साइड का इस्तेमाल आलू के लाल किए जाने को किया जा रहा है। टीमों ने बिल्हौर के बीबीपुर और के सिंघौली में करीब 224 आलू की बोरी 11200 किलो सीज किया साथ ही दस किलो रंगीन पाउडर मिला। उसे जांच के लिए लैब भेजा। रिपोर्ट आने तक आलू सीज रहेगा। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा कानपुर मंडल डा. शशी पाण्डेय के नेतृत्व में मंडी पहुंची। KANPUR NEWS
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डॉ. शशी पाण्डेय ने बताया कि लोग बाजार में बिकने वाला लाल आलू खाने से बचें। इसमें पेंट में मिलाया जाने वाला केमिकल है। सेहत के लिए यह हानिकारक है। उन्होंने कहा कि हमें सूचना मिली थी कि केमिकल से रंगा हुआ आलू है। इस सूचना पर मंडी में रविवार को छापा मारा गया। आलू का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। तब तक आलू सीज रहेगा। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
बीबीपुर बिल्हौर पहुंची ने खाद्य सुरक्षा विभाग टीम ने निरीक्षण किया तो यहां रसायनयुक्त रंगीन आलू बेचे जाने को तैयार किए जाते पकडा। मौके से 130 बोरी 6500 किलो, अनुमानित लागत रु. 78,000 आलू सीज किए गए तथा 10 किलो रंगीन पाउडर का नमूना जांच को लिया गया। बिल्हौर के सिंघौली में संदेह के आधार पर 94 पैकेट (प्रति पैकेट 50 किलो) रंगीन आलू अनुमानित मूल्य रु. 23,500 सीज किए गए।
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12 घंटे पानी में रखते हैं पुराना आलू
नया आलू तैयार करने के लिए अमोनिया को पानी में घोला जाता है। फिर पुराने आलू को इसमें डालकर 12 घंटे तक रखा जाता है। इससे आलू का छिलका पतला हो जाता है।
केमिकल वाले पानी से आलू को निकालने के बाद उस आलू को लाल मिट्टी से रगड़ दिया जाता है। इससे छिलके अलग होकर उसमें मिट्टी चिपक जाती है। छिलका उतरा हुआ देख कर लोग इस धोखे में आ जाते हैं कि यह नया आलू है। लोग छिलका हटा हुआ आलू देखकर समझते हैं कि यह नया आलू है। वे महंगे दाम पर इसे खरीद लेते हैं। वास्तव में केमिकल में डालकर पुराने आलू का छिलका हटाया जाता है। फिर इसे नया बताकर बेच दिया जाता है। 2 दिन में ही यह आलू सड़ने लगता है। उसका रंग बदलने लगता है।

