Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन (Raksha Bandhan 2025) इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी या रक्षासूत्र बांधती हैं और उनके सफल व उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं। रक्षाबंधन मनाने के पीछे एक पौराणिक कथा भी प्रचलित हैं। चलिए जानते हैं उसके बारे में। Raksha Bandhan 2025
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लक्ष्मी जी और राजा बली की कथा (Raksha Bandhan story)
स्कंद पुराण, पद्म पुराण और श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित कथा के मुताबिक, एक बार राजा बलि को अपनी शक्तियों पर बहुत ही घमंड हो गया था। तब भगवान विष्णु वामन अवतार में उनकी परीक्षा लेने पंहुचे। उन्होंने भगवान राजा बलि से तीन पग भूमि दान मांगा।
राजा जब यह दान देने के लिए तैयार हो गए, तो वामन भगवान ने एक पग में पूरी भूमि नाप ली, दूसरे पग ने पूरा आकाश नाप लिया। जब तीसरा पग रखने की बारी आई, तो राजा बलि ने अपना सिर आगे कर दिया और वामन भगवान से कहा तीसरा पग आप मेरे सिर पर रख लीजिए।
मां लक्ष्मी को सताने लगी चिंता
राजा की यह दानवीरता देखकर भगवान प्रसन्न हुए और राजा बलि को पाताल लोक का राजा घोषित कर दिया। तब राजा बलि ने भगवान विष्णु से यह वरदान मांगा कि वह उनके साथ पाताल लोक में ही रहें। लेकिन इस वचन के कारण माता लक्ष्मी चिंतित हो गईं। तब माता लक्ष्मी ने एक गरीब व दुखियारी महिला का रूप धारण किया। वह एक रक्षासूत्र लेकर राजा बलि के पास पहुंची और उन्हें राखी बांधकर अपना भाई बनाने की इच्छा व्यक्त की।
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राजा ने रखा राखी का मान
जब राजा बलि ने यह प्रस्ताव स्वीकार किया और लक्ष्मी जी से राखी बंधवाई। इसके बाद राजा ने उन्हें कुछ मांगने के लिए भी कहा। तब मां लक्ष्मी अपने असली रूप में प्रकट हुईं और उन्होंने राजा बलि से कहा कि वह भगवान विष्णु को उनके धाम वापिस लौटा दें। राखी का मान रखते हुए राजा बलि ने लक्ष्मी जी की इस बात को स्वीकार कर लिया।
इसलिए बोला जाता है यह मंत्र
यही कारण है कि जब रक्षासूत्र यानी राखी बांधी जाती है, तो यह मंत्र पढ़ने का विधान है, जिसमें राजा बलि का जिक्र किया गया है –
ऊँ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।
इस मंत्र का अर्थ है कि जिस प्रकार यह रक्षासूत्र महान व पराक्रमी राजा बलि को बांधा गया था, उसी प्रकार यह रक्षासूत्र मैं तुम्हें बांधती हूं। यह रक्षासूत्र तुम्हारी रक्षा करे और तुम अपने पथ पर अडिग रहो और अपनी रक्षा के संकल्प निभाओ।”
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। JAIHINDTIMES यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है।

