SHIV JI : हिंदू पौराणिक ग्रंथों में भगवान शिव के डमरू का महत्व विस्तार से बताया गया है। शिवमहापुराण के अनुसार, भगवान शिव से पहले संगीत के बारे में किसी को भी जानकारी नहीं थी। तब न तो कोई नृत्य करना जानता था, न ही वाद्ययंत्रों को बजाना और गाना जानता था। ऐसे में सृष्टि के संतुलन के लिए उन्होंने डमरू धारण किया।


