Swami Avimukteshwaranand Controversy: यौन शोषण का आरोप लगने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है (Swami Avimukteshwaranand FIR).
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उन्होंने आरोपों से साफ-साफ इनकार किया है और जोर देकर कहा कि अदालत इस मामले में लंबा समय न लगाए और तेजी से काम करते हुए जो भी निर्णय है वो करे. उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वह योगी आदित्यनाथ नहीं है कि अपने ऊपर मुकदमा हटवा लें. इसकी जरूरत नहीं है. जो फर्जी केस बना है, उसे तो फर्जी सिद्ध होना ही है.
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Swami Avimukteshwaranand ने केस दाखिल करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि शामली के हिस्ट्रीशीटरों की लिस्ट में उनका नाम 34वें नंबर पर दर्ज है. झूठे मुकदमे दर्ज कराकर उगाही करना उनका काम है. उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी के बहाने उनके गुरु रामभद्राचार्य पर भी निशाना साथा.
क्या है मामला
बता दें कि प्रयागराज के पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों पर FIR दर्ज करने का आदेश दे दिया है. इस मामले में शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने कोर्ट में अपील दायर की थी, जिसके बाद पॉक्सो स्पेशल कोर्ट का यह आदेश आया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरि पर भी FIR दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं. रेप और POCSO स्पेशल कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने ये आदेश दिया है.

