Uttar Pradesh News: आजमगढ़ में वोटर लिस्ट की गड़बड़ी मामले में चुनाव आयोग ने एक्शन लिया है। आयोग ने एक कंप्यूटर ऑपरेटर और 5 बीएलओ को मतदाता सूची से संबंधित काम से तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। इन 6 कर्मचारियों को सेवा से हटाने के संबंध में नोटिस भी जारी करने को कहा गया है। Azamgarh News
KANPUR IGRS NEWS : अधिक असंतुष्ट फीडबैक वाले 50 विभागों को लेटर जारी
आयोग ने बताया-
Azamgarh में जिन 13 विकास यादव का नाम मिला है, उनमें से 2 को पहले ही हटाया जा चुका था। बचे हुए 11 नाम अलग-अलग व्यक्तियों से संबंधित निकले। जांच के बाद 10 व्यक्तियों के नाम और डिटेल्स में सुधार के लिए फॉर्म-8 भरवाए गए हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
सपा ने उठाया था मामला
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 15 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि आजमगढ़ की विधानसभा क्षेत्र-347 की मतदाता सूची में विकास यादव नाम के व्यक्ति का नाम 10 बार दर्ज है। इस शिकायत का निर्वाचन विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया और जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद निर्वाचन विभाग ने संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। मामले में न केवल मतदाता सूची तैयार करने वाले कर्मचारियों, बल्कि उनके काम की निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की गई।
13 नामों में से 11 आजमगढ़ के अलग-अलग व्यक्ति शामिल
जांच में सामने आया कि हिंदी में ‘विकास यादव’ नाम 13 बार दर्ज था। हालांकि, समान नाम और समान पिता के नाम वाला एक मतदाता गोरखपुर जिले के चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित पाया गया, जिसकी प्रविष्टि आजमगढ़ की अन्य 13 प्रविष्टियों से अलग थी। आजमगढ़ की मतदाता सूची में दर्ज 13 प्रविष्टियों में से दो को पहले ही हटाया जा चुका था। शेष 11 प्रविष्टियां जिले के 11 अलग-अलग व्यक्तियों से संबंधित पाई गईं। जांच रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी व्यक्ति अपने-अपने गांवों में निवास कर रहे हैं।
आयोग की सफाई
इन 11 व्यक्तियों में से वास्तविक विकास यादव को छोड़कर अन्य 10 व्यक्तियों के नाम और दूसरे विवरणों में सुधार के लिए फॉर्म-8 भरवाया गया है। यानी जांच में एक ही व्यक्ति के नाम पर 10 अलग-अलग स्थानों पर फर्जी प्रविष्टियां होने की पुष्टि नहीं की गई, बल्कि अलग-अलग व्यक्तियों के नाम और विवरणों में सुधार की जरूरत सामने आई है।
तीन अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई
मामले में लापरवाही केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं मानी गई है। मतदाता सूची तैयार करने के दौरान अपनी जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इन अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र जारी किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, उनके खिलाफ भी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत कार्रवाई से पहले नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
छह कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
निर्वाचन आयोग ने मामले में दोषी पाए गए मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर सहायक और पांच बीएलओ को मतदाता सूची के काम से तत्काल हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही, उनकी सेवा समाप्त करने के संबंध में नोटिस जारी करने को कहा गया है। इसके अलावा, संबंधित कंप्यूटर सहायक और बीएलओ के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत कार्रवाई करने से पहले नोटिस देने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए जाने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ की सभी विधानसभा सीटों की जांच होगी
निर्वाचन विभाग ने इस मामले को केवल एक विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा है। जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ को जिले की सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में इस तरह की गड़बड़ियों की गहन जांच करने का निर्देश दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
आजमगढ़ की वोटर लिस्ट में 13 ‘विकास यादव’
अखिलेश यादव के आरोप के बाद निर्वाचन आयोग का बड़ा एक्शन; 6 कर्मचारी सेवा से हटेंगे, 3 वरिष्ठ अफसरों पर दर्ज होगी विभागीय जांच।
आयोग ने 1 सप्ताह के भीतर पूरे जिले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी…
आयोग ने 1 सप्ताह के भीतर पूरे जिले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस वृहद जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र में भी समान नाम, फर्जी प्रविष्टियों, स्पेलिंग की गलतियों या डेटा एंट्री में ढिलाई जैसी समस्याएं न बची रहें।

