Magnesium : मैग्नीशियम एक ऐसा पोषक तत्व है, जिसे मास्टर न्यूट्रिएंट कहना भी गलत नहीं होगा। यह पाचन, मांसपेशियां, हड्डियां, नर्वस सिस्टम और दिमाग के सामान्य कार्यों के लिए आवश्यक है। यह शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को भी संतुलित करने में मदद करता है। इसलिए इसकी कमी कई शरीर के फंक्शनों को प्रभावित कर सकती है।
हाइपोमैग्नीसीमिया में मैग्नीशियम की कमी होती है। इस कंडिशन में शरीर में मैग्नीशियम की मात्रा आवश्यकता से कम हो जाती है, जो कैल्शियम और पोटेशियम की मात्रा को प्रभावित कर सकता है। शरीर में दिखाई देने वाले कुछ लक्षणों से आप इसकी कमी का पता लगा सकते हैं। आइए जानें मैग्नीशियम की कमी के लक्षण।
थकावट
थकावट महसूस करना काफी साधारण बात है, जो हम अक्सर किसी हेवी वर्कआउट या किसी फिजिकल वर्क के बाद अनुभव करते हैं। लेकिन बिना किसी वजह से थकान महसूस करना एक समस्या का संकेत हो सकता है। मैग्नीशियम की कमी अक्सर इसका कारण होती है। मैग्नीशियम एनर्जी उत्पादन में बहुत महत्वपूर्ण है। इसकी कमी से अकारण थकावट की समस्या हो सकती है।
अनियमित धड़कने
हमारी हार्ट बीट दिल में होने वाली कुछ एलेक्ट्रिक इम्पल्स की वजह से होती है। मैग्नीशियम उन सिग्नल्स को नियंत्रित करता है। इसकी कमी की वजह से दिल की धड़कनें अनियमित हो सकती हैं, जिसे एरिथमिया भी किया जाता है
एंग्जायटी
हमारे ब्रेन के न्यूरोट्रांसमिटर बेहतर काम करने के लिए मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है। इसलिए इसकी कमी से नर्वस सिस्टम प्रभावित हो सकता है, जो मूड खराब रहने जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है। इसकी कमी न दूर करने पर दौरे, डिप्रेशन, एंग्जायटी आदि समस्याएं भी हो सकती हैं।
भूख न लगना
आपके खाने-पीने की इच्छा सीधे हमारे पाचन तंत्र पर प्रभावित होती है। हमारे इंटेस्टाइन्स के लिए मैग्नीशियम बहुत जरूरी हैं। इसकी कमी से मितली आना और भूख न लगना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
मसल क्रैम्प
हमारी मांसपेशियों के कॉनट्रैक्ट और रिलैक्स ही हमें मूवमेंट आदि संभव हो पाता है। मांसपेशियों को एकजुट करने और रिलैक्स करने के लिए मैग्नीशियम आवश्यक है, लेकिन इसकी कमी की वजह से इसमें परेशानी हो सकती है। इससे मसल क्रैम्प की समस्या हो सकती है।
Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

